छत्तीसगढ़ में 47 फीसदी घरों में लगे स्मार्ट मीटर, दिसंबर से लागू होगा प्रीपेड सिस्टम

रायपुर Oct 15, 2025:
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में Chhattisgarh smart meter installation का काम तेजी से चल रहा है। राज्य में अब तक करीब 47 फीसदी घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। वहीं, सभी फीडर मीटर लगने का काम पूरा हो चुका है। ट्रांसफॉर्मरों पर भी लगभग 21 फीसदी स्मार्ट मीटर लग चुके हैं।

⚡ दिसंबर से लागू होगा प्रीपेड सिस्टम

सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) ने बताया कि दिसंबर 2025 से बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड सिस्टम लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत उपभोक्ता पहले रिचार्ज कर बिजली का उपयोग करेंगे। सरकार के पास इसका प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

🏠 अब तक 28 लाख घरों में लगे स्मार्ट मीटर

प्रदेश के कुल 59 लाख उपभोक्ताओं में से अब तक करीब 28 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। रायपुर सिटी और आसपास के क्षेत्रों में 11.29 लाख उपभोक्ताओं को इस सुविधा से जोड़ा गया है।
सीएसपीडीसीएल का लक्ष्य है कि वर्ष 2027-28 तक सभी उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा सकें।

🏢 तीन कंपनियां कर रही हैं काम

स्मार्ट मीटर लगाने का काम तीन अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है। रायपुर में टाटा पावर यह कार्य कर रही है। सरगुजा, रायगढ़ और बिलासपुर में हाइप्रिंट जीनस पावर की टीम काम कर रही है। वहीं, दुर्ग, राजनांदगांव और जगदलपुर में जीनस पावर स्मार्ट मीटर लगा रही है।

🔋 पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम

स्मार्ट मीटर सिस्टम पूरी तरह ऑटोमेटिक होगा। जितनी बिजली की खपत होगी, उतनी राशि उपभोक्ता के रिचार्ज बैलेंस से स्वतः कट जाएगी।
अगर किसी उपभोक्ता का बैलेंस माइनस 300 रुपए तक चला जाता है, तो बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद हो जाएगी। रिचार्ज करने के बाद बकाया राशि अपने आप समायोजित हो जाएगी।

📱 उपभोक्ताओं को SMS से जानकारी

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रोज बिजली खपत की जानकारी देगा। हर सप्ताह बिजली बजट की जानकारी एसएमएस के जरिए भेजी जाएगी। जब रिचार्ज बैलेंस कम होने वाला होगा, तो उपभोक्ता को तीन बार अलर्ट संदेश मिलेगा।
यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को अपने बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण देने में मदद करेगी।

🗣️ अधिकारी बोले – उपभोक्ताओं को होगा लाभ

सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि Chhattisgarh smart meter installation से बिलिंग पारदर्शी होगी और बिजली चोरी में कमी आएगी। उपभोक्ता अपनी खपत खुद मॉनिटर कर पाएंगे, जिससे अनावश्यक खर्च रुक सकेगा।