दुर्ग। CG NEWS Gajendra Yadav Value Based Education: अभ्युदय संस्थान, अछोटी में “चेतना विकास एवं मूल्य आधारित शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मंत्री श्री यादव ने शिक्षकों से संवाद करते हुए कहा कि —
“शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में संस्कार, चेतना और सकारात्मक परिवर्तन लाने का आधार है। जब शिक्षा में नैतिकता और मूल्य जुड़ते हैं, तब समाज वास्तव में विकसित होता है।”
🌱 शिक्षा से विकसित समाज की परिकल्पना
मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विकसित भारत और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा, जीवन मूल्य और व्यवहारिक ज्ञान को विशेष महत्व देना आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षकों से आवाहन किया कि वे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को प्राथमिकता दें, ताकि नई पीढ़ी विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान दे सके।
🏫 शिक्षकों से संवाद, शिक्षा सुधार पर जोर
मंत्री यादव ने कहा कि —
“स्वच्छ और सशक्त समाज की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है। विद्यालयों में संस्कार, अनुशासन और सेवा भाव का वातावरण विकसित करना ही वास्तविक शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए।”
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने भाग लिया और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अपने विचार और सुझाव साझा किए।
सभी ने यह संकल्प लिया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत मूल्य आधारित शिक्षा को विद्यालयों में और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी नैतिक, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बन सकें।

🎓 कार्यशाला में रही शिक्षाविदों की उपस्थिति
इस अवसर पर लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी, योगेश शास्त्री, संकेत ठाकुर, अनीता शाह, पार्षद कुलेश्वर साहू, कांशीराम कोसरे सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षकगण एवं शिक्षाविद् उपस्थित रहे।
सभी ने मंत्री यादव के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं शिक्षा जगत को नई दिशा देने में सहायक होंगी।
