रायपुर, 08 सितम्बर 2025। छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए शुरू किए गए सौर ऊर्जा जागरूकता और प्रोत्साहन अभियान में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में भाग लिया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासी अब केवल ऊर्जा उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर–मुफ्त बिजली योजना को स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और इसे तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और 618 उपभोक्ताओं को प्रत्येक 30 हजार रुपये की दर से कुल 1.85 करोड़ रुपये की राज्यांश सब्सिडी का ऑनलाइन अंतरण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2070 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और छत्तीसगढ़ इस लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज छत्तीसगढ़ हॉफ बिजली बिल से आगे बढ़कर मुफ्त बिजली की ओर अग्रसर है। आने वाले समय में हर घर स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा से रोशन होगा।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के नागरिकों को भी इस योजना से जोड़ें और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रदेश को अग्रणी बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को लेटर ऑफ अवार्ड भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब उपभोक्ता स्वयं सौर ऊर्जा का उत्पादन कर बिजली का विक्रय भी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन क्षमता केवल 1,400 मेगावाट थी, जो अब 30,000 मेगावाट तक पहुँच चुकी है। नई उद्योग नीति के तहत ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं, जिससे आने वाले समय में राज्य की क्षमता और बढ़ेगी।
इस अवसर पर उत्कृष्ट वेंडरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक, ऊर्जा विभाग के अधिकारी, भारतीय सौर ऊर्जा महासंघ के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उपभोक्ता मौजूद रहे। राजनांदगांव के छात्र प्रथम सोनी ने सौर ऊर्जा पर अपने विचार रखकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
