राजगीर। भारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप 2025 में इतिहास रच दिया। रविवार, 7 सितंबर को खेले गए फाइनल में मेज़बान भारत ने कोरिया को 4-1 से हराकर अपना आठ साल पुराना इंतज़ार खत्म किया और चौथी बार खिताब अपने नाम किया।
मैच की शुरुआत ही भारतीय टीम के दमदार इरादों के साथ हुई। पहले ही मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल दागकर कोरिया को दबाव में ला दिया। इसके बाद दिलप्रीत सिंह ने शानदार खेल दिखाते हुए दो गोल दागे, जबकि आखिरी क्वार्टर में अमित रोहिदास ने चौथा गोल कर जीत को पक्का कर दिया।
भारत की यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में कोई भी मैच नहीं हारा। आखिरी बार भारत ने 2017 में ढाका में मलेशिया को हराकर एशिया कप जीता था। इस बार फिर उसी जोश और संयम के साथ भारत ने अपने खेल को अंजाम दिया।
मैच के दौरान कई मौके पर कोरिया ने दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय डिफेंस और गोलकीपर कृष्णा पाठक की शानदार बचाव ने टीम को मजबूती दी। हारमनप्रीत सिंह और संजय जैसे खिलाड़ियों ने अपने पास और मूवमेंट से लगातार कोरिया को मुश्किलों में डाला।
जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों और दर्शकों में गजब का उत्साह देखा गया। यह जीत न सिर्फ खिताबी सफलता है, बल्कि भारत को हॉकी वर्ल्ड कप के लिए सीधा टिकट भी दिला गई।
अन्य मुकाबले:
- तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में मलेशिया ने चीन को 4-1 से हराया।
- जापान ने बांग्लादेश को 6-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया।
भारतीय टीम का यह प्रदर्शन एक साफ संदेश देता है—जब खिलाड़ी संयम और सरल हॉकी खेलते हैं, तो नतीजा जीत की शक्ल में सामने आता है। यह जीत करोड़ों भारतीयों के दिलों को गर्व से भर देने वाली है।
