आईआईटी और आईआईएम से प्रशासनिक सेवा तक: IAS दिव्या मित्तल की प्रेरणादायी यात्रा और जनसेवा की मिसाल

लखनऊ, 5 सितम्बर 2025।
आईआईटी दिल्ली से बी.टेक और आईआईएम बैंगलोर से एमबीए कर लंदन में डेरिवेटिव्स ट्रेडर जैसी ऊँची नौकरी छोड़कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की राह चुनने वाली दिव्या मित्तल आज उत्तर प्रदेश की सबसे सशक्त और प्रेरणादायी महिला अधिकारियों में गिनी जाती हैं। 2013 बैच की यूपी कैडर की यह अधिकारी अपने हर जिले में जनता-केंद्रित और नवाचार आधारित प्रशासन की मिसाल पेश कर चुकी हैं।

गाँव तक पहुँचा पानी, टूटी 75 साल की प्यास

मिर्जापुर जिले में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने लहुरिया गाँव को सात दशक बाद पहली बार पाइपलाइन से पीने का पानी उपलब्ध कराया। यह कदम सिर्फ पानी पहुँचाने का नहीं बल्कि ग्रामीणों के जीवन को बदलने का प्रतीक बना। गाँव की बुज़ुर्ग महिलाएँ आज भी भावुक होकर कहती हैं कि “हमने आजादी के बाद पहली बार घर में नल से पानी आते देखा।”

“ऑपरेशन कब्ज़ा मुक्ति”—जनता की भागीदारी से बदला हालात

देवरिया जिले में दिव्या मित्तल ने “ऑपरेशन कब्ज़ा मुक्ति” अभियान चलाया। शांतिपूर्ण तरीके से जनता की भागीदारी से 900 से अधिक सरकारी ज़मीनों पर हुए अवैध कब्ज़े हटाए गए। इन ज़मीनों का उपयोग गरीबों के लिए घर बनाने, रास्ते खोलने और जलाशयों को पुनर्जीवित करने में किया गया। यह पहल हज़ारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आई।

प्रशासन का मानवीय चेहरा

दिव्या मित्तल का मानना है कि “नागरिक शासित नहीं बल्कि शासन के साझेदार हैं।” उनके नेतृत्व का सबसे बड़ा गुण है—पारदर्शिता, सहभागिता और संवेदनशीलता। चाहे सड़क पर उतरकर हालात का जायजा लेना हो या सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को दिशा देना, उनकी कार्यशैली में हमेशा आत्मीयता झलकती है।

युवाओं की प्रेरणा

दिव्या मित्तल न केवल एक सफल प्रशासनिक अधिकारी हैं बल्कि सोशल प्लेटफॉर्म पर अपनी अनुभव, जीवन दर्शन और तैयारी के टिप्स भी साझा करती हैं। यही कारण है कि वे न सिर्फ सिविल सेवा के अभ्यर्थियों बल्कि आम युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं।

निष्कर्ष

आईआईटी और आईआईएम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से निकलकर IAS बनने और फिर गाँव-गाँव तक बदलाव पहुँचाने का उनका सफर इस बात का सबूत है कि समर्पित और संवेदनशील नेतृत्व से समाज की दिशा बदली जा सकती है। दिव्या मित्तल आज भी ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटी हैं और करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाली महिला प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं।