दुर्ग, 07 जुलाई 2025:
थाना अजाक दुर्ग को बड़ी सफलता मिली है। 24 वर्षों से फरार चल रहे स्थायी वारंटी कमल सिंह उर्फ शुभपाल सिंह राजपूत को पुलिस ने गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय एट्रोसिटी कोर्ट, दुर्ग में प्रस्तुत किया। यह कार्रवाई अनुसूचित जनजाति महिला के साथ छेड़छाड़ और अपमानित करने के गंभीर प्रकरण में की गई है, जो कि वर्ष 2001 से लंबित था।
क्या है पूरा मामला?
कमल सिंह उर्फ शुभपाल सिंह के खिलाफ थाना मोहन नगर में वर्ष 2001 में अपराध क्रमांक 49/2001, धारा 354 भा.दं.वि. एवं अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी घटना के बाद से ही फरार था और अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिस कारण उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया गया।
24 वर्षों से बदल रहा था पहचान, कर रहा था गार्ड की नौकरी
पुलिस पूछताछ में कमल सिंह ने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार नाम और वेशभूषा बदलकर रह रहा था। भिलाई स्थित एवन बजाज कंपनी में गार्ड की नौकरी कर रहा था और शुभपाल सिंह नाम से जीवन यापन कर रहा था। इस दौरान वह पूरी तरह से कानून से बचने की कोशिश करता रहा, परंतु पुलिस की सतर्कता और विशेष अभियान के चलते अंततः वह पकड़ में आ गया।
पुलिस की विशेष कार्रवाई
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) श्री हेम प्रकाश नायक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें थाना अजाक दुर्ग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत रंग लाई।
गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल थे:
- सउनि शिव दुबे
- प्रधान आरक्षक 1209, 1312, 811, 883
- महिला आरक्षक पीली यादव (1084)
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- नाम: कमल सिंह उर्फ शुभपाल सिंह राजपूत
- पिता का नाम: कोषपाल सिंह
- पता: ग्राम केत्तमी, थाना डौंडी लोहारा, जिला दुर्ग
- वर्तमान पहचान: गार्ड, एवन बजाज शोरूम, भिलाई
न्यायालय में पेशी
पुलिस ने आरोपी को 07 जुलाई 2025 को माननीय विशेष न्यायालय एट्रोसिटी कोर्ट, दुर्ग में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
यह गिरफ्तारी पुलिस की प्रतिबद्धता, सतर्कता और तकनीकी सूझबूझ का परिणाम है। साथ ही यह संदेश देती है कि कानून से कोई भी अपराधी अनंतकाल तक बच नहीं सकता।
