दो साल से अधूरे स्टेशनपारा और गौरीनगर अंडरब्रिज बने लोगों की मुसीबत का कारण, ओवरब्रिज पर बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा

राजनांदगांव, 30 जून 2025। स्टेशनपारा और गौरीनगर में निर्माणाधीन अंडरब्रिज लोगों के लिए सुविधा की जगह सिरदर्द बन चुके हैं। जिन पुलों को मार्च 2023 तक तैयार हो जाना था, वे दो साल बाद भी अधूरे पड़े हैं। 14 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इन अंडरब्रिज के विलंब से स्टेशनपारा, गौरीनगर, चिखली और शिक्षक नगर जैसे इलाकों के करीब 50 हजार लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण में देरी, फ्लाईओवर पर ट्रैफिक का दबाव

अंडरब्रिज निर्माण में देरी के चलते पूरा ट्रैफिक खैरागढ़ ओवरब्रिज और अन्य वैकल्पिक मार्गों पर आ गया है, जहां जाम और दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। खासकर स्कूल-कॉलेज खुलने के बाद ट्रैफिक का दबाव और बढ़ गया है, क्योंकि छात्र-छात्राएं पटरीपार क्षेत्र से शहर की ओर आते हैं।

रेलवे की फटकार भी नहीं लाई असर

रेलवे अधिकारियों द्वारा कई बार ठेकेदार को फटकार लगाए जाने के बाद कुछ समय के लिए काम में तेजी तो आई, लेकिन स्थिति फिर जस की तस हो गई। रेलवे सभी रेलवे फाटकों को बंद कर अंडरब्रिज से आवागमन सुनिश्चित करना चाहता है, मगर निर्माण की लेटलतीफी इस योजना पर पानी फेर रही है।

पानी की लाइन और पाइपलाइन बनी देरी की वजह

निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अंडरब्रिज की खुदाई के दौरान पानी की पाइपलाइन बाधा बनी। नई लाइन बिछाने का काम भी किया गया, पर अब भी पुरानी लाइन से ही जल आपूर्ति की जा रही है।

दुर्घटनाओं में बढ़ रहा मौत का आंकड़ा

खैरागढ़ ओवरब्रिज पर अब तक सात से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यातायात पुलिस ने अस्थाई स्टॉपर लगाकर मार्ग विभाजित किया, ट्रैफिक सिग्नल लगाए, फिर भी दुर्घटनाएं थम नहीं रही हैं। यह स्थिति साफ दर्शाती है कि अधूरे अंडरब्रिज अब जानलेवा बन चुके हैं।

ठेकेदार ने मांगा पांच माह का अतिरिक्त समय

स्टेशन मास्टर आर.के. बर्मन के अनुसार, अंडरब्रिज निर्माण मार्च 2023 तक पूरा होना था, लेकिन अब ठेकेदार ने पांच महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। विभागीय अधिकारियों ने शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश तो दिए हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस परिणाम अब तक नजर नहीं आ रहा है।