ओहायो (अमेरिका)। उम्र केवल एक संख्या है—और 103 वर्षीय माइक फ्रीमोंट (Mike Fremont) इसकी जीती-जागती मिसाल हैं। जहां लोग बढ़ती उम्र के साथ शारीरिक रूप से कमजोर हो जाते हैं, वहीं माइक आज भी सीढ़ियां चढ़ते हैं, पुल-अप्स करते हैं और कनू (नाव) चलाते हैं। उनकी दिनचर्या, खानपान और सोच ने उन्हें एक “विकल्पहीन मृत्यु की सजा” से निकालकर ऊर्जा, उद्देश्य और दीर्घायु का जीवन दिया।
🩺 69 की उम्र में मिला था कैंसर का अल्टीमेटम
जब माइक 69 वर्ष के थे, तब डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि यदि उन्होंने सर्जरी नहीं करवाई तो उनके पास सिर्फ 3 महीने का जीवन बचा है। लेकिन माइक ने हार मानने की बजाय “The Cancer Prevention Diet” नामक पुस्तक से प्रेरित होकर मैक्रोबायोटिक प्लांट-बेस्ड डाइट को अपनाया। नतीजा चौंकाने वाला रहा—कैंसर गायब हो गया और पुराना गठिया (arthritis) भी चला गया।
🌿 पौधों पर आधारित सादा आहार बना जीवन का मूल मंत्र
1994 से माइक पूरी तरह शाकाहारी (plant-based) आहार पर हैं। लेकिन यह कोई फैशनेबल या महंगी डाइट नहीं है। उनका भोजन बहुत ही सरल है:
- भूरे चावल (Brown rice)
- उबली हुई हरी सब्जियां जैसे पत्तागोभी, गाजर और केल
- समुद्री शैवाल (Seaweed)
- और सबसे जरूरी, हर दिन आधा कैन बीन्स (Legumes)
बीन्स में फाइबर, प्रोटीन और कैंसर से लड़ने वाले फाइटोकेमिकल्स होते हैं। World Cancer Research Fund के अनुसार, ऐसा आहार कैंसर से बचाव और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
🍭 ना चीनी, ना तेल, ना प्रोसेस्ड खाना
माइक शक्कर, डेयरी, मांस और पैकेज्ड फूड से पूरी तरह दूरी बनाकर रखते हैं। वे अपने भोजन को केवल उबालते, भाप में पकाते या किण्वित करते हैं—ना तले हुए पदार्थ, ना कोई प्रोसेसिंग, ना कोई शॉर्टकट।
🏃 98 साल की उम्र तक 10 मील दौड़ते थे
माइक ने 98 साल की उम्र तक हर हफ्ते तीन बार 10 मील दौड़ लगाई। वे हर दिन 48 बार सीढ़ियां चढ़ते थे। आज भी वे नियमित रूप से पुल-अप्स और कनूइंग करते हैं।
उनका मानना है कि शरीर को चलायमान रखना कोई कसरत नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा होना चाहिए। CDC की रिपोर्ट भी कहती है कि नियमित व्यायाम उम्र के प्रभाव को कम करता है और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
🛌 गहरी नींद और डिजिटल डिटॉक्स
माइक हर रात 8 से 9 घंटे की गहरी नींद लेते हैं। ना अलार्म, ना मोबाइल, ना नींद के लिए कोई दवा—बस प्राकृतिक नींद। वैज्ञानिकों के अनुसार, अच्छी नींद से सेल्स की मरम्मत, सूजन में कमी और मस्तिष्क की कार्यक्षमता बेहतर होती है।
🌱 प्रकृति से जुड़ा जीवन
माइक डॉक्टरों से दूरी नहीं, बल्कि ज़रूरत न पड़ने की बात करते हैं। वे अपनी सेहत का श्रेय भोजन और प्रकृति को देते हैं। खुद का भोजन उगाते हैं, शुद्ध पानी पीते हैं, केमिकल वाले प्रोडक्ट से दूर रहते हैं और रोजाना प्रकृति में समय बिताते हैं।
अध्ययन बताते हैं कि हरी जगहों में समय बिताना तनाव कम करता है, नींद सुधारता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करता है। माइक की जीवनशैली इन सभी सिद्धांतों का साकार उदाहरण है।
💡 ना कोई दवा, ना कोई ब्रांड—सिर्फ सादगी भरा सच
माइक कोई डॉक्टर, सेलिब्रिटी या फिटनेस कोच नहीं हैं। वे कोई सप्लीमेंट या प्रोडक्ट नहीं बेचते। वे बस अपनी सच्ची कहानी सुनाते हैं—कि दीर्घायु और स्वास्थ्य का रहस्य किसी रहस्य में नहीं, बल्कि सच्चाई, सादगी और अनुशासन में छुपा है।
