मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक कदम: यूपीएससी में सफलता पाने वाले छत्तीसगढ़ी युवाओं को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि

रायपुर, 29 अप्रैल 2025।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के 5 अभ्यर्थियों को सम्मानित करने और राज्य के युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर लिया गया और इसे महापौर सम्मान राशि निधि के अंतर्गत शामिल किया गया है। इस पहल को राज्य सरकार ने “ऐतिहासिक” करार दिया है।

यूपीएससी 2024 में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन
22 अप्रैल 2025 को घोषित UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 के परिणाम में राज्य के पांच होनहारों ने बाज़ी मारी —

  • पूर्वा अग्रवाल (रायपुर) – 65वीं रैंक
  • अर्पण चोपड़ा (मुंगेली) – 313वीं रैंक
  • मानसी जैन (जगदलपुर) – 444वीं रैंक
  • केशव गर्ग (अंबिकापुर) – 496वीं रैंक
  • शची जायसवाल – 654वीं रैंक

इन प्रतिभाशाली युवाओं की सफलता ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री की पहल
मुख्यमंत्री श्री साय ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय राज्य सरकार की युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का परिचायक है। उनका मानना है कि एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि न केवल अभ्यर्थियों के मनोबल को बढ़ाएगी, बल्कि अन्य युवाओं को भी यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में उतरने के लिए प्रेरित करेगी।

हालांकि, कुछ शिक्षाविदों और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि यह राशि प्रतीकात्मक है और UPSC जैसी महंगी तैयारी के मुकाबले में यह प्रोत्साहन अपर्याप्त है। वे यह भी पूछ रहे हैं कि क्या यह योजना सभी पात्र उम्मीदवारों तक पारदर्शी रूप से पहुँचेगी या फिर यह सिर्फ चुनिंदा चेहरों के लिए ही सीमित रहेगी?

नगरीय प्रशासन विभाग की भूमिका
सरकारी आदेश के अनुसार, यह प्रोत्साहन राशि नगर निगमों की महापौर सम्मान निधि से दी जाएगी। योजना के तहत UPSC मुख्य परीक्षा पास करने वाले सभी पात्र अभ्यर्थियों को यह आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।

विशेषज्ञों की राय
UPSC कोचिंग संस्थानों और शैक्षिक विशेषज्ञों ने इसे एक सकारात्मक शुरुआत बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ऐसी योजनाओं का असर तभी दिखेगा जब उन्हें व्यवस्थित ढंग से लागू किया जाए और तैयारी के हर चरण के लिए वित्तीय सहयोग की नीति बनाई जाए।

निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल युवाओं के लिए प्रेरणादायक संकेत है, लेकिन इसके प्रभाव को मूल्यांकन के पैमाने पर कसना अभी बाकी है। क्या यह सिर्फ एक बार की घोषणा है या दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा? यह आने वाला समय बताएगा।