मणिपुर की घटना के साथ छत्तीसगढ़ का नाम जोड़कर भाजपा नेता कर रहे ध्यान भटकाने का काम : सीएम बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़)। संसद में मणिपुर मामले में छत्तीसगढ़ का नाम जोड़े जाने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सीएम ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि ये लोगों का ध्यान भटकाने का तरीका है। बता दें कि केन्द्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने संसद में मणिपुर की घटना पर हुए सवाल के जवाब में छत्तीसगढ़ का जिक्र किया था।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा- छत्तीसगढ़ में जो घटनाएं घटी है, उसकी तुलना मणिपुर से नहीं की जा सकती। जानबूझकर जो इलेक्शन गोइंग स्टेट हैं, वहां उनका नाम लेना ही मकसद है, ताकी एक तीर से दो निशाना साध सकें, लेकिन वे अफसल हैं। बीजेपी के लोगों को वहां के राज्यपाल से सीखना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी छत्तीसगढ़ और राजस्थान का जिक्र किया था और मणिपुर उनके लिए तीसरा है, क्योंकि वहां पर उनकी डबल इंजन की सरकार है। पूरे 90 दिन हो गए हैं और उसमें वह कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पीएम को हठधर्मिता छोड़कर सदन में बयान देना चाहिए।
बता दें मणिपुर में जारी हिंसा और वहां महिलाओं के यौन उत्पीड़न का वीडियो वायरल होने के बाद से विपक्षी पार्टियां केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी पर हमलावर हैं। विपक्षी पार्टियां पीएम नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर संसद में बयान देने की मांग कर रही है।यहां तक कि इसको लेकर अविश्वास प्रस्ताव तक लाया गया है जिसकी मंजूरी सदन से मिल गई है।

सीएम बघेल ने कहा- बड़ी बात यह है कि ह्यूमन राइट्स की टीम भी मणिपुर नहीं जा रही है। छत्तीसगढ़ में घूमने आ रहे हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन मणिपुर भी जाना चाहिए। ह्यूमन राइट्स वालों को और दूसरी बात यह है कि केंद्र सरकार उन्हें ढूंढने में लगी है की वीडियो वायरल किसने किया तो ये लोग गलत दिशा में प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा-भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से सीखना चाहिए, उन्होंने ये बयान ऑन रिकॉर्ड दिया है कि 50,000 से ज्यादा लोग घर छोड़ चुके हैं, सैकड़ों घर जला दिए गए हैं, 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है, महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है और निर्वस्त्र करके घुमाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा जिंदगी में कभी ऐसा दृश्य नहीं देखा था।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उन्होंने अपनी रिपोर्ट भी सौंपी है। उसके बावजूद भी केंद्र सरकार के द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया, बल्कि वहां पर लगातार घटनाएं बढ़ रही है। इस वजह से लोग अब रात में घरों को छोड़कर सड़कों पर सो रहे हैं और वहां गोलीबारी हो रही है। रात-रात भर पूरा परिवार सुरक्षा के लिए जाग रहा है। वहां हालात बेहद तनावपूर्ण है और केन्द्र सरकार के नियंत्रण से बाहर है।

इसके अलावा I.N.D.I.A गठबंधन की टीम के सांसद आज मणिपुर रवाना हुए हैं और लोकसभा राज्यसभा अभी भी बाधित है। प्रधानमंत्री को हठधर्मिता नहीं करनी चाहिए, अपनी हठधर्मिता छोड़ें और दोनों सदनों में आकर बयान देना चाहिए। बता दें कि संसद में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मणिपुर के साथ छत्तीसगढ़, राजस्थान और बिहार में होने वाली घटनाओं पर ध्यान केंद्रीत करने की नसीहत दी थी।