चोरी करने से रोका तो चौकीदार की कर दी हत्या, अभियुक्त को अदालत ने सुनाई दो बार अजीवन कारावास की सजा

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। सहकारी समिति कार्यालय में चोरी की नियत से देर रात घुसने और विरोध करने पर चौकीदार की हत्या करने के मामले में अदालत ने आज फैसला सुनाया है। अभियुक्त को विभिन्न धाराओं के तहत दो बार अजीवन कारावास की सजा तथा एक हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। यह फैसला जिला सत्र न्यायाधीश नीता यादव की अदालत में सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर लोक अभियोजक बालमुकुंद चंद्राकर ने पैरवी की थी।

फैसला ग्राम नंदौरी (कुम्हारी) स्थित सहकारी समिति के चौकीदार की हत्या से संबंधित बहुचर्चित प्रकरण पर आया है। पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत नंदौरी की सहकारी समिति के चौकीदार का शव पुलिस ने 17 जून 2021 को बरामद किया था। जांच में पाया गया कि कार्यालय के चैनल का ताला टूटा हुआ है। चोरी के संदेह के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया तो जानकारी सामने आई कि अलमारी में रखी 8 लाख 501 रुपए की नगदी गायब है, लेकिन अलमारी का ताला तोड़ा नहीं गया है। अलमारी की चाबी क्लर्क ओमप्रकाश बंजारे के पास रहती थी। पतासाजी में ओमप्रकाश के बेटे नितीश कुमार बंजारे (21 वर्ष) की स्कूटी की डिक्की से 8 लाख 501 रुपए की रकम बरामद की गई। नितीश को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने पर हत्या के मामले का खुलासा हुआ।

आरोपी ने बताया कि 16-17 जून की रात उसने अपने पिता के कब्जे से समिति के कार्यालय की चाबी हासिल की और चोरी की नियत से चैनल का ताला तोड़कर अंदर घुस गया। इसी दौरान चौकीदार हरिशंकर वर्मा जाग गया और उसे पकडने की कोशिश की। जिस पर उसने सब्बल से चौकीदार पर हमला कर दिया और उसे घायल कर रकम लेकर मौके से फरार हो गया। रात में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सब्बल कपड़े आदि बरामद कर प्रकरण को विचारण हेतु न्यायालय के समक्ष पेश किया था।

प्रकरण पर विचारण पश्चात अदालत ने पंचदेवरी (कुम्हारी) निवासी अभियुक्त नितीश कुमार बंजारे (21 वर्ष) को दोषी करार दिया। अभियुक्त को दफा 302 के तहत आजीवन कारावास व दफा 460 के तहत आजीवन कारावास से दंडित किए जाने का फैसला सुनाया है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।