नई दिल्ली। असम में गुरुवार को हुए दूसरे चरण के मतदान के बाद सत्तारूढ़ भाजपा के एक प्रत्याशी की सफेद रंग की जीप क्रमांक AS 10B 0022 से ईवीएम मिलने के मामले में चार अफसरों को सस्पेंड किया गया है। भाजपा उम्मीदवार की गाड़ी में ईवीएम मिलने के बाद विपक्षी कांग्रेस और एआईयूडीएफ ने इसको लेकर कड़ा एतराज जताया है। जिसके बाद चुनाव आयोग ने चार पोलिंग अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। वहीं करीमगंज बूथ में फिर से पोलिंग कराए जाने का एलान किया है।
चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि पूरी घटना की जानकारी ली गई है। चार अफसरों पर कार्रवाई की गई है। अभी जांच जारी है और जो भी मामले में लापरवाही का दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आयोग ने ये भी साफ किया है कि किसी ईवीएम के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और सभी सुरक्षित स्ट्रॉंग रूम में पहुंचा दी गई थीं।
यह है मामला
असम में दूसरे चरण के मतदान के बाद गुरुवार देर रात ये मामला सामने आया, जब कुछ लोगों ने दावा किया कि एक कार में ईवीएम रखी हैं। ये कार करीमगंज जिले की पथरकंडी सीट से विधायक और बीजेपी उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल की पत्नी के नाम रजिस्टर्ड है। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद हंगामा हो गया। जिसके बाद कांग्रेस और एआईयूडीएफ जैसे दलों ने इस मामले को लेकर सवाल उठाए। असम कांग्रेस के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई ना होने पर चुनाव के बायकॉट तक की बात कही। जिसके बाद चुनाव आयोग ने मामले में पोलिंग अधिकारियों को सस्पेंड करते हुए अपना पक्ष रखा है।
प्रियंका गांधी ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसको लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार सुबह उन्होंने ट्वीट कर लिखा- चुनाव के समय हर बार ऐसे वीडियो सामने आते हैं कि ईवीएम निजी वाहनों से ले जाई जा रही होती है। अप्रत्याशित रूप से, ऐसे मामलों में आमतौर पर भाजपा उम्मीदवारों या उनके सहयोगियों के होते हैं। ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि इस तरह की कई घटनाओं की सूचना दी जाती रही है लेकिन उसे लेकर कुछ भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए।
