Chhattisgarh Industrial Policy के तहत राज्य को ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 17 अक्टूबर 2026 को जारी जानकारी में बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक निवेश को रोजगार और आर्थिक अवसरों में बदलना है। इसी दिशा में नवा रायपुर में यश फैंस एंड अप्लायंसेज लिमिटेड की प्रस्तावित नई औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन किया गया।
इस परियोजना में ₹150 करोड़ से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है। इससे 3,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है। राज्य सरकार श्रम-प्रधान उद्योगों को प्रोत्साहित कर स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना चाहती है।
1. छत्तीसगढ़ में ₹8.5 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति को देश और विदेश के निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। राज्य को अब तक ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
सरकार की प्राथमिकता इन प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलना है। इसके लिए निवेशकों को उद्योग स्थापित करने से लेकर संचालन शुरू करने तक आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार चाहती है कि औद्योगिक विकास केवल कुछ प्रमुख शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचे। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योग स्थापित होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है और लोगों को अपने घर के नजदीक रोजगार मिल सकता है।
2. यश फैंस की यूनिट से 3,500 से अधिक नौकरियों की उम्मीद
नवा रायपुर में यश फैंस एंड अप्लायंसेज लिमिटेड की प्रस्तावित औद्योगिक इकाई को राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। परियोजना में ₹150 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और इससे 3,500 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस इकाई में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। हालांकि, रोजगार के इन अवसरों का वास्तविक लाभ परियोजना के निर्माण, उत्पादन शुरू होने और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ सामने आएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश का वास्तविक महत्व तब बढ़ता है, जब उससे युवाओं को रोजगार मिलता है और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
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3. Chhattisgarh Industrial Policy में रोजगार पर जोर
छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 में ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने पर ध्यान दिया गया है, जो अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश में अधिक रोजगार पैदा कर सकते हैं।
कपड़ा उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि औद्योगिक विकास का लाभ स्थानीय युवाओं और महिलाओं तक पहुंचे।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि अब औद्योगिक निवेश का आकलन केवल निवेश की राशि से नहीं, बल्कि उससे पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों के आधार पर भी किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह नीति राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
4. उद्योगों को प्रोत्साहन और आसान प्रक्रियाएं
राज्य सरकार उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने की दिशा में काम कर रही है। जन विश्वास पहल से जुड़े सुधारों के तहत 279 प्रावधानों को आपराधिक अपराधों की श्रेणी से हटाने का विशेष प्रयास किया गया है।
इसके साथ ही विभिन्न अनुमतियों और मंजूरियों की प्रक्रिया को सरल तथा समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य निवेशकों को परियोजनाएं जल्द शुरू करने में मदद देना है, ताकि उत्पादन और रोजगार सृजन में अनावश्यक देरी न हो।
वित्त मंत्री ने बताया कि औद्योगिक सब्सिडी के लिए बजटीय प्रावधान लगभग ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,000 करोड़ से अधिक किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा।
5. राज्य में 1.5 लाख से अधिक रोजगार की संभावना
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ में 3,000 से अधिक बड़े और छोटे उद्योग स्थापित हुए हैं। इनसे 50,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की जानकारी दी गई।
मंत्री ने यह भी बताया कि आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से 1.5 लाख से अधिक लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। यह संख्या प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन और भर्ती की प्रगति पर निर्भर करेगी।
यश ग्रुप की नई इकाई को इसी रोजगार-केंद्रित रणनीति का उदाहरण बताया गया है। सरकार ने परियोजना को समय पर पूरा कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय और आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया है।
6. विकसित छत्तीसगढ़ की ओर सरकार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देना है। इसके लिए उद्योग, रोजगार, कौशल विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे का एक साथ विकास आवश्यक है।
उन्होंने राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा उपलब्धता, कुशल श्रमशक्ति और बेहतर कनेक्टिविटी को निवेश आकर्षित करने की प्रमुख संभावनाओं के रूप में रेखांकित किया।
वित्त मंत्री ने सरकार की बजटीय प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए GYAAN और GATI की अवधारणाओं पर भी बात की। सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास से प्राप्त संसाधनों का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं को मजबूत करने में करना है।
Chhattisgarh Industrial Policy के तहत मिले ₹8.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य के औद्योगिक विकास की बड़ी संभावना दिखाते हैं। नवा रायपुर में यश फैंस की ₹150 करोड़ से अधिक की प्रस्तावित इकाई और 3,500 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीद इस नीति के रोजगार-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। हालांकि, इन संभावनाओं को वास्तविक लाभ में बदलने के लिए निवेश प्रस्तावों का समय पर क्रियान्वयन, उत्पादन की शुरुआत और स्थानीय युवाओं की भर्ती अहम होगी। यदि योजनाएं प्रभावी ढंग से जमीन पर उतरती हैं, तो छत्तीसगढ़ में उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों को गति मिल सकती है।
