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IDBI Bank Sale: ₹52,878 करोड़ की बड़ी डील

IDBI Bank Sale को लेकर अक्टूबर 2026 में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने IDBI बैंक के रणनीतिक विनिवेश को मंजूरी दे दी है। इस सौदे के तहत Fairfax Financial Holdings को बैंक की 60.72 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में हासिल करनी है।

इस हिस्सेदारी में भारत सरकार की 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है। बिक्री के बाद सरकार और LIC के पास संयुक्त रूप से बैंक की 34 प्रतिशत हिस्सेदारी रहने की बात कही गई है।

यह सौदा भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हालांकि, अधिग्रहण की मंजूरी और पूरी प्रक्रिया के अंतिम रूप से संपन्न होने के बीच अंतर समझना जरूरी है।

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IDBI Bank Sale का पूरा घटनाक्रम

IDBI बैंक की बिक्री का सफर कई वर्षों तक चला। खराब वित्तीय स्थिति से उबरने, निवेशकों की जांच और बोली प्रक्रिया के बाद यह सौदा मंजूरी के चरण तक पहुंचा है।

2017 में PCA के दायरे में आया बैंक

मई 2017 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने IDBI बैंक को Prompt Corrective Action (PCA) फ्रेमवर्क के तहत रखा था। बैंक पूंजी पर्याप्तता, परिसंपत्ति गुणवत्ता, संपत्तियों पर रिटर्न और लीवरेज से जुड़े निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतर पाया था।

मार्च 2017 में बैंक की शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (Net NPAs) 13 प्रतिशत से अधिक थीं। यह स्थिति बैंक की वित्तीय सेहत को लेकर गंभीर चिंता का संकेत थी।

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2019 में LIC ने संभाली कमान

जनवरी 2019 में LIC ने IDBI बैंक की 51 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल की। इसके बाद RBI ने नियामकीय उद्देश्यों के लिए IDBI बैंक को निजी क्षेत्र के बैंक के रूप में वर्गीकृत किया।

मार्च 2021 में लगभग चार साल बाद RBI ने बैंक के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार का हवाला देते हुए उसे PCA फ्रेमवर्क से बाहर कर दिया। इसी वर्ष अप्रैल में LIC ने अपनी हिस्सेदारी घटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

IDBI Bank Sale की प्रक्रिया 2021 में आगे बढ़ी

मई 2021 में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने सरकार और LIC की हिस्सेदारी बेचने तथा प्रबंधन नियंत्रण हस्तांतरित करने की रणनीतिक योजना को मंजूरी दी।

अक्टूबर 2022 में सरकार ने बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए संभावित खरीदारों से रुचि पत्र (Expression of Interest) आमंत्रित किए। जनवरी 2023 में कई संभावित निवेशकों ने रुचि दिखाई।

जुलाई 2024 में संभावित बोलीदाताओं को गृह मंत्रालय से आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिली और RBI की फिट-एंड-प्रॉपर जांच की प्रक्रिया भी हुई।

2026 में कैसे आगे बढ़ी बिक्री की प्रक्रिया?

जनवरी 2026 में सरकार ने वित्तीय बोलियां आमंत्रित कीं। फरवरी में Fairfax Financial Holdings, जिसका नेतृत्व प्रेम वत्सा करते हैं, और दुबई स्थित Emirates NBD ने बोलियां जमा कीं।

मार्च 2026 में वित्तीय बोलियां निर्धारित रिजर्व प्राइस से कम रहने के कारण बिक्री प्रक्रिया रोक दी गई। अप्रैल में सरकार ने विनिवेश प्रक्रिया को फिर से आगे बढ़ाने और विकल्पों के तकनीकी मूल्यांकन का काम शुरू किया।

जुलाई 2026 में संशोधित वित्तीय बोलियां आमंत्रित की गईं। इसके बाद Fairfax और Emirates NBD से अपडेटेड ऑफर प्राप्त हुए। अक्टूबर 2026 में CCEA की मंजूरी के साथ यह प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई।

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Fairfax के अधिग्रहण के बाद क्या बदलेगा?

Fairfax को 60.72 प्रतिशत नियंत्रक हिस्सेदारी मिलने से बैंक के स्वामित्व और प्रबंधन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। हालांकि, वास्तविक बदलाव अधिग्रहण पूरा होने, लागू नियामकीय शर्तों और बैंक की आगे की रणनीति पर निर्भर करेंगे।

सरकार और LIC के पास संयुक्त रूप से 34 प्रतिशत हिस्सेदारी रहने का प्रस्ताव है। इससे यह स्पष्ट होता है कि रणनीतिक विनिवेश के बावजूद दोनों की बैंक में हिस्सेदारी बनी रहेगी।

ग्राहकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा अपने आप में बैंक खातों, जमा राशि, ATM, शाखाओं या डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में तत्काल बदलाव का संकेत नहीं है। ऐसे किसी बदलाव की जानकारी केवल बैंक की आधिकारिक घोषणा के आधार पर ही मानी जानी चाहिए।

IDBI Bank Sale क्यों है महत्वपूर्ण?

यह सौदा बैंकिंग क्षेत्र में निजी निवेश और सरकारी विनिवेश की नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। IDBI बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार के बाद हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। इससे बैंक के भविष्य के संचालन, पूंजी रणनीति और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर निवेशकों की नजर रहेगी।

हालांकि, सौदे की मंजूरी को अंतिम हस्तांतरण के बराबर नहीं माना जाना चाहिए। अधिग्रहण पूरा होने की स्थिति और लागू शर्तों की पुष्टि आधिकारिक सूचनाओं से करना जरूरी होगा।

IDBI Bank Sale का क्या है महत्व?

IDBI Bank Sale भारत के बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक विनिवेश है। 2017 में PCA के दायरे में आने से लेकर 2026 में ₹52,878 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने तक बैंक ने लंबा सफर तय किया है। Fairfax को 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलने की योजना बैंक के स्वामित्व में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब इस सौदे की अंतिम प्रक्रिया, नियामकीय शर्तों और आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

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