Seemapuri Building Collapse ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को दिल्ली को झकझोर दिया। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक चार मंजिला इमारत ढहने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक गर्भवती महिला और एक बच्चा शामिल हैं। हादसे में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन साल का बच्चा भी शामिल है।
हादसा दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस और प्रशासनिक टीमें भी मौके पर पहुंचीं।
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Seemapuri Building Collapse के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन
इमारत गिरने के बाद मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई गई। बचाव दलों ने लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश शुरू की। आठ घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA), NDRF, MCD और DUSIB की टीमें शामिल रहीं। बड़े मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया।
मलबे में मिले बच्चे के शव ने बढ़ाया दर्द
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान करीब डेढ़ साल के एक बच्चे का शव भी बरामद किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, बच्चे के सिर पर गंभीर चोट थी। इस दर्दनाक दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर दिया।
घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल रहा। राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाते रहे, क्योंकि किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका बनी हुई थी।
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स्थानीय लोगों ने भी संभाला मोर्चा
Seemapuri Building Collapse के बाद स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुट गए। घटनास्थल के वीडियो में कई लोगों को अपने हाथों से ईंट और मलबा हटाते देखा गया।
एक वीडियो में स्थानीय लोगों का समूह मलबे से एक महिला को बाहर निकालता दिखाई दिया। लोगों ने महिला को उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। शुरुआती समय में स्थानीय लोगों की मदद से कई घायलों को अस्पताल भेजने में भी सहायता मिली।
बाद में भारी मशीनों को मौके पर लाया गया, ताकि बड़े हिस्से के मलबे को तेजी से हटाया जा सके। एंबुलेंस और मेडिकल टीमें भी घायलों की सहायता के लिए तैनात रहीं।
Seemapuri Building Collapse की वजह क्या?
फिलहाल इमारत गिरने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि मंगलवार शाम उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी भूकंप के झटकों और इमारत गिरने के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया है।
इसलिए फिलहाल भूकंप को हादसे का कारण बताना जल्दबाजी होगी। संरचना की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की जांच के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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प्रशासन ने क्या कहा?
पुलिस के अनुसार, बचाव अभियान जारी रखा गया और मलबे से निकाले गए घायलों को अस्पताल भेजा गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से सीमापुरी गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास की सड़कों से दूर रहने की अपील की, ताकि राहत और बचाव वाहनों को आने-जाने में परेशानी न हो।
दिल्ली सरकार की Delhi Fire Service आपातकालीन सेवाओं का प्रमुख हिस्सा है, जबकि DDMA आपदा के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी निभाता है।
Seemapuri Building Collapse ने एक बार फिर दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और आपदा तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने के बाद अब सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना खत्म करना और हादसे की वास्तविक वजह सामने लाना है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि संरचनात्मक कमजोरी, निर्माण संबंधी समस्या या कोई अन्य कारण इस दर्दनाक हादसे के पीछे था।
