Chhattisgarh Coal Levy Scam मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने रायपुर की विशेष अदालत में करीब 9,500 पन्नों का छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह यादव, पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, पूर्व विधायक चंद्रदेव प्रसाद राय और IAS अधिकारी जयप्रकाश मौर्य समेत 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
जांच एजेंसी का दावा है कि कथित कोल लेवी नेटवर्क में कोयला परिवहनकर्ताओं से प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। एजेंसी ने इस रकम के राजनीतिक इस्तेमाल, नकद लेनदेन और संपत्तियों में निवेश से जुड़े कई साक्ष्यों का उल्लेख किया है।
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Chhattisgarh Coal Levy Scam में 104.20 करोड़ का कनेक्शन
EOW के अनुसार जब्त डायरियों में ‘भवन’ और ‘C PARTY’ जैसे कोड के तहत 32 प्रविष्टियां मिली हैं। इन प्रविष्टियों में कुल 104.20 करोड़ रुपये दर्ज होने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि यह रकम तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से संबंधित थी और इसे पार्टी से जुड़े कामों तक पहुंचाया गया। मामले में पैसे के स्रोत और इस्तेमाल को लेकर जांच आगे बढ़ाई गई है।
यह मामला केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं बताया गया है। EOW ने कथित तौर पर अवैध रकम के इस्तेमाल से जमीन, फ्लैट और वाशरी जैसी संपत्तियों में निवेश की भी जांच की है।
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Chhattisgarh Coal Levy Scam और खैरागढ़ उपचुनाव
चार्जशीट में 2022 के खैरागढ़ उपचुनाव से जुड़े कथित लेनदेन का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के अनुसार, कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने यह चुनाव जीता था और कथित लेवी की रकम का एक हिस्सा चुनावी गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
भिलाई नगर विधायक देवेंद्र सिंह यादव से संबंधित 11 डायरी प्रविष्टियों में करीब 3 करोड़ रुपये का उल्लेख होने का दावा किया गया है। EOW के अनुसार, इस रकम का संबंध खैरागढ़ उपचुनाव और व्यक्तिगत उपयोग से जोड़ा गया है।
हालांकि, ये सभी बातें जांच एजेंसी द्वारा चार्जशीट में लगाए गए आरोप हैं। अदालत में आरोपों का परीक्षण होना बाकी है और आरोपितों को दोषी ठहराए जाने तक उन्हें कानूनी रूप से निर्दोष माना जाता है।
Chhattisgarh Coal Levy Scam में 12 नाम
छठे पूरक आरोप पत्र में कुल 12 लोगों के नाम बताए गए हैं। इनमें रामगोपाल अग्रवाल, देवेंद्र सिंह यादव, विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव प्रसाद राय, IAS जयप्रकाश मौर्य, पियूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चौरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा शामिल हैं।
EOW ने आरोप लगाया है कि अलग-अलग लोगों तक कथित अवैध रकम पहुंचाने के लिए कोडवर्ड, डायरी प्रविष्टियों और नकद लेनदेन का इस्तेमाल किया गया। जांच में संपत्तियों और कारोबारी लेनदेन की भी पड़ताल की गई।
IAS जयप्रकाश मौर्य पर क्या आरोप?
चार्जशीट में तत्कालीन संचालक, भौमिकी एवं खनिकर्म IAS अधिकारी जयप्रकाश मौर्य का नाम भी शामिल है। EOW का आरोप है कि उन्होंने कथित सिंडिकेट को मदद पहुंचाई और लौह अयस्क पैलेट उद्योग से 100 रुपये प्रति टन की कथित वसूली के मामले में भूमिका निभाई।
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसी ने कोयले के साथ-साथ लौह अयस्क पैलेट से जुड़ी कथित अवैध वसूली को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
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जांच में सामने आया 500 करोड़ से ज्यादा का नेटवर्क
EOW की चार्जशीट में कथित कोल लेवी नेटवर्क को 500 करोड़ रुपये से अधिक का बताया गया है। जांच के अनुसार जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन से कथित तौर पर प्रति टन 25 रुपये की वसूली की गई।
इस मामले की मनी लॉन्ड्रिंग जांच पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर चुका है। ED ने पहले भी इस मामले में संपत्तियों की कुर्की और कथित अपराध से जुड़े करीब 540 करोड़ रुपये के प्रोसीड्स का उल्लेख किया था।
Enforcement Directorate की आधिकारिक जानकारी
Chhattisgarh Coal Levy Scam में आगे क्या?
छठे पूरक आरोप पत्र के बाद मामले में राजनीतिक और कानूनी बहस फिर तेज हो गई है। अब विशेष अदालत में आरोप पत्र में शामिल तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी।
Chhattisgarh Coal Levy Scam में EOW के ताजा आरोप पत्र ने कथित लेवी, राजनीतिक फंडिंग, चुनावी खर्च और संपत्ति निवेश के बीच बताए गए संबंधों को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि अंतिम सच्चाई अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी।
