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Chhattisgarh Youth Innovation Conclave में दिखा युवा हुनर

Chhattisgarh Youth Innovation Conclave इन दिनों रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में आयोजित किया जा रहा है। यहां छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों से युवा अपने स्टार्टअप, बिजनेस मॉडल और नए आइडिया लेकर पहुंचे हैं।

इन युवाओं की कहानियां बताती हैं कि कारोबार शुरू करने के लिए हमेशा बड़े निवेश की जरूरत नहीं होती। कुछ युवाओं ने पढ़ाई के साथ शुरुआत की, तो कुछ ने छोटी नौकरी और अपने अनुभव को नए बिजनेस आइडिया में बदल दिया।

कॉन्क्लेव में कृषि, मछली पालन, तकनीक और ग्रामीण जरूरतों से जुड़े कई इनोवेशन देखने को मिल रहे हैं।

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Chhattisgarh Youth Innovation Conclave में तन्मय की कहानी

आईजीकेवी के फाइनल ईयर के छात्र तन्मय वर्मा ने पढ़ाई के साथ अपना काम शुरू किया। उनका स्टार्टअप छत्तीसगढ़ की देसी मछली प्रजातियों को किसानों से खरीदकर बाजार तक पहुंचाने से जुड़ा है।

तन्मय कृषि विश्वविद्यालय के एजीएम विभाग में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने पढ़ाई पूरी होने का इंतजार नहीं किया, बल्कि पढ़ाई के दौरान ही कारोबार शुरू करने का फैसला लिया।

शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें इस मॉडल में कारोबारी संभावना नजर आई। इसके बाद साल 2024 में उन्होंने अपनी कंपनी रजिस्टर्ड कराई और कंसल्टिंग फार्मिंग के साथ इस काम को आगे बढ़ाया।

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किसानों और बाजार के बीच बनाई सप्लाई चेन

तन्मय का मॉडल किसानों और बाजार के बीच की दूरी कम करने पर आधारित है। किसान मछली तैयार करते हैं और तन्मय उनसे मछली खरीदकर उसे सीधे बाजार में बेचने वालों तक पहुंचाते हैं।

उनकी सप्लाई चेन में स्ट्रीट फिश वेंडर्स भी शामिल हैं। इससे किसानों से खरीदी गई मछली सीधे बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था तैयार होती है।

तन्मय का फोकस खास तौर पर छत्तीसगढ़ की स्थानीय मछली प्रजातियों पर है। वे देसी बाम्बी, सिंघी, केवई, तलपिया, गिनवा, भुंडा और चितल जैसी मछलियां किसानों से खरीदकर बाजार तक पहुंचा रहे हैं।

Chhattisgarh Youth Innovation Conclave: 50 लाख का टर्नओवर

तन्मय के मुताबिक, उनके कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 50 लाख रुपए तक पहुंच गया है। इस काम में उनके कुछ क्लासमेट भी जुड़े हुए हैं।

खास बात यह है कि तन्मय पढ़ाई और कारोबार दोनों को साथ लेकर चल रहे हैं। उनका उदाहरण कृषि क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे युवाओं के लिए एक अलग तरह के बिजनेस मॉडल को सामने रखता है।

उनका उद्देश्य केवल मछली खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं है। वे स्थानीय मछली प्रजातियों को बाजार से जोड़ने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रहे हैं।

5 हजार की नौकरी से कारोबार तक पहुंचे मनमोहन यादव

कॉन्क्लेव में कोरबा के किसान मनमोहन यादव की कहानी भी सामने आई। उनका सफर कृषि विज्ञान केंद्र में महज 5 हजार रुपए महीने की मजदूरी से शुरू हुआ था।

मनमोहन कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा में लेबर के तौर पर काम करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात प्रोफेसर शिव कुमार महोबिया से हुई।

उनके संपर्क में रहते हुए मनमोहन ने अंडों से चूजे निकालने की प्रक्रिया को समझा। इसी अनुभव से उनके मन में कम कीमत वाली इनक्यूबेटर मशीन बनाने का विचार आया।

Chhattisgarh Youth Innovation Conclave में इनक्यूबेटर मशीन चर्चा में

मनमोहन ने ऐसी स्वचलित इनक्यूबेटर मशीन तैयार करने पर काम किया, जिसे किसान कम कीमत में खरीद सकें।

मशीन में अंडे रखने के बाद तापमान और दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं को स्वचालित तरीके से नियंत्रित किया जाता है। एक मशीन में एक बार में करीब 50 से 60 अंडे रखकर चूजे निकाले जा सकते हैं।

इस मशीन की कीमत करीब 3500 रुपए रखी गई है। कम कीमत होने के कारण इसका मॉडल छोटे किसानों की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

समय के साथ मनमोहन ने मशीन की क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया। अब वे 15 हजार अंडों की क्षमता वाली इनक्यूबेटर मशीन भी तैयार कर चुके हैं।

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युवाओं के स्टार्टअप को मिल रहा मंच

Chhattisgarh Youth Innovation Conclave में सामने आई ये कहानियां कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े नए प्रयोगों की झलक देती हैं।

एक तरफ तन्मय पढ़ाई के साथ स्थानीय मछलियों के लिए बाजार तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मनमोहन ने अपने अनुभव के आधार पर किसानों के लिए कम कीमत वाली इनक्यूबेटर मशीन विकसित की है।

ऐसे मॉडल स्थानीय संसाधनों, किसानों की जरूरत और तकनीक को एक साथ जोड़ने की कोशिश करते हैं।

Chhattisgarh Youth Innovation Conclave में सामने आए तन्मय वर्मा और मनमोहन यादव के उदाहरण बताते हैं कि नए बिजनेस आइडिया कई बार जमीन से जुड़े अनुभवों और स्थानीय जरूरतों से निकलते हैं। पढ़ाई के साथ स्टार्टअप चलाने से लेकर छोटी मजदूरी से तकनीकी मशीन बनाने तक, इन युवाओं की पहल छत्तीसगढ़ में स्थानीय स्तर पर उद्यमिता के अलग-अलग मॉडल सामने रखती है।

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