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Kuldeep Sahu Case में 10 साल की सजा

Kuldeep Sahu Case में सूरजपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने की कोशिश के मामले में कुलदीप साहू को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात हुई घटनाओं से जुड़ा है।

सजा सुनाए जाने के बाद कुलदीप साहू को अंबिकापुर केंद्रीय जेल ले जाया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस बीच कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय उसके मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने आने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

साहू ने मीडिया कैमरों की ओर देखकर कथित तौर पर कहा, “अच्छा वाला दिखाईएगा, स्माइल करके।” उसके इस अंदाज ने मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी।

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Kuldeep Sahu Case: पुलिस पर कार चढ़ाने की कोशिश

अभियोजन के अनुसार, 13 अक्टूबर 2024 की रात सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड के पास कांस्टेबल घनश्याम सोनवानी पर गर्म तेल फेंककर हमला किया गया था। इसके बाद पुलिस ने साहू की तलाश शुरू की।

पुलिस कार्रवाई के दौरान साहू ने कथित तौर पर कार से पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की। इसी मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। अदालत के फैसले के बाद अब इस केस में साहू को मिली सजा चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

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दोहरे हत्याकांड में बड़ा फैसला बाकी

Kuldeep Sahu Case का सबसे गंभीर हिस्सा 2024 का वह दोहरा हत्याकांड है, जिसमें सूरजपुर में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या कर दी गई थी।

दोनों के शव उनके किराए के मकान से करीब 5 किलोमीटर दूर मिले थे। इस मामले में अदालत ने कुलदीप साहू के साथ रिंकू उर्फ फूल सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा को हत्या समेत अन्य आरोपों में दोषी ठहराया है।

इस मामले में अदालत 8 अक्टूबर 2026 को दोषियों की सजा की मात्रा घोषित करेगी। यानी 10 साल की सजा के बाद अब इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में आने वाला फैसला बेहद महत्वपूर्ण है।

Kuldeep Sahu Case में POCSO और यौन अपराध के आरोप भी

दोहरे हत्याकांड से जुड़े अभियोजन मामले में यौन उत्पीड़न और POCSO कानून के तहत आरोप भी शामिल रहे हैं। अदालत ने सुनवाई के बाद साहू समेत चार आरोपियों को संबंधित आरोपों में दोषी ठहराया है।

वहीं, दो अन्य आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। सजा की अंतिम मात्रा 8 अक्टूबर को तय की जाएगी।

पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में बरी

साहू पर लटोरी के पास भागते समय तत्कालीन विश्रामपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व वाली पुलिस टीम पर गोली चलाने का भी आरोप लगा था। इस मामले में साहू और एक अन्य आरोपी को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने बरी कर दिया।

इससे साफ है कि साहू से जुड़े अलग-अलग मामलों में अदालतों ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग निष्कर्ष दिए हैं।

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सुरजपुर में वारदात के बाद हुआ था भारी आक्रोश

हेड कांस्टेबल की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के बाद सूरजपुर में व्यापक आक्रोश देखने को मिला था। स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

विरोध के दौरान साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। घटना ने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की थी।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हत्या की घटनाओं से पहले साहू के खिलाफ दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वारदात के बाद वह फरार हो गया था और बाद में बलरामपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।

Kuldeep Sahu Case में पुलिसकर्मियों को कार से कुचलने की कोशिश के मामले में 10 साल की कठोर सजा सुनाई जा चुकी है। अब सभी की नजर 8 अक्टूबर 2026 पर है, जब सूरजपुर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में दोषी ठहराए गए आरोपियों की सजा की मात्रा तय होगी। मामले में अदालत के आगामी आदेश से यह स्पष्ट होगा कि दोषियों को किन-किन धाराओं में कितनी सजा मिलती है।

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