Heavy Rainfall ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 56 लोगों की मौत हुई है, जबकि 46 लोग घायल बताए गए हैं। राज्य में 1,000 से अधिक मकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक राज्य में 66.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 7.6 मिमी के आसपास रहती है। यानी इस अवधि में बारिश सामान्य से करीब 775 प्रतिशत अधिक रही।
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Heavy Rainfall से UP में 56 मौतें
राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान गई और 46 लोग घायल हुए। स्थिति रिपोर्ट के अनुसार सीतापुर में सबसे अधिक सात मौतें दर्ज की गईं। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की मौत हुई, जबकि अयोध्या और गोरखपुर में चार-चार मौतें दर्ज की गईं।
भारी बारिश और आंधी-तूफान से 1,021 मकानों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 107 पशुओं की मौत की भी जानकारी सामने आई है। फसल नुकसान का आकलन अभी जारी है और जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा है।
उत्तर प्रदेश में 75 में से 56 जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से संपर्क कर तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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ओडिशा में 70 हजार से अधिक लोगों का रेस्क्यू
Heavy Rainfall का असर उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। ओडिशा में नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले 70,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
भारी बारिश के कारण पुल और कलवर्ट भी प्रभावित हुए हैं। लोकप्रिय पर्यटन स्थल देवकुंड को भी सुरक्षा कारणों से बंद किया गया है। प्रशासन लगातार जलस्तर और प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है।
Heavy Rainfall से नदियां खतरे के निशान के ऊपर
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सात राज्यों में 30 नदी निगरानी केंद्रों पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंगा, गंडक, कोसी, बागमती और नर्मदा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बताया गया है।
लगातार बारिश के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। प्रशासन को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज रखने की जरूरत है।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से 12 मौतें
पड़ोसी देश नेपाल भी Heavy Rainfall से गंभीर रूप से प्रभावित है। अधिकारियों के अनुसार 24 सितंबर से भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है, जबकि सात लोग अभी लापता हैं।
नेपाल के कई इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बुटवल में तिनाऊ नदी के बढ़े जलस्तर के कारण छह मकान बह गए, जबकि कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कई राजमार्गों और सड़कों पर भूस्खलन से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
49 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
नेपाल के अधिकारियों ने 77 में से 49 जिलों में संभावित फ्लैश फ्लड को लेकर चेतावनी जारी की है। कई प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
भारी बारिश के कारण मनांग, मुस्तांग, म्याग्दी और बागलुंग जैसे जिलों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। राहुगंगा नदी में बाढ़ से 40 मेगावाट की जलविद्युत परियोजना के ढांचे और ट्रांसमिशन लाइन के टावरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
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आगे भी सतर्क रहने की जरूरत
भारत और नेपाल दोनों में प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी हैं। लगातार बारिश के कारण नदी जलस्तर, भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
नेपाल में पिछले महीने की विनाशकारी बाढ़ के बाद संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ऐसे में मौसम और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
Heavy Rainfall ने उत्तर प्रदेश, ओडिशा और नेपाल के कई हिस्सों में गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। उत्तर प्रदेश में 56 मौतों और 1,000 से अधिक मकानों के नुकसान ने बारिश की भयावहता को सामने रखा है, जबकि नेपाल में भी बाढ़ और भूस्खलन से जनहानि हुई है। आने वाले समय में प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य और नदी जलस्तर की निगरानी महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
