Mandi Power Cut के कारण बुधवार को मंडी शहर, सदर मंडी, नेरचौक और आसपास के इलाकों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कांगू 132 केवी सब स्टेशन में तकनीकी खराबी आने के कारण सुबह करीब साढ़े सात बजे से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
बिजली संकट का असर दोपहर तक बना रहा। करीब तीन बजे तकनीकी खराबी को दूर करने के बाद विद्युत आपूर्ति सामान्य हो सकी। इस दौरान घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ कई जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ने की स्थिति बनी रही।
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कांगू सब स्टेशन में आई तकनीकी खराबी
कांगू 132 केवी सब स्टेशन में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद विद्युत बोर्ड की टीम तुरंत मरम्मत कार्य में जुट गई। कर्मचारियों ने खराबी को दूर करने के लिए दिनभर काम किया।
करीब तीन बजे समस्या का समाधान होने के बाद नियमित बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। हालांकि, खराबी के दौरान लंबे समय तक बिजली बंद रहने से आम लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
Mandi Power Cut के बीच पंडोह से वैकल्पिक बिजली
बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान मंडी शहर की आपातकालीन सेवाओं को बिजली उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। करीब 11:30 बजे पंडोह से वैकल्पिक बिजली आपूर्ति शुरू की गई।
इस व्यवस्था में अस्पताल, उपायुक्त कार्यालय और अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बिजली कटौती के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं और प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित न हों।
यह व्यवस्था उस समय महत्वपूर्ण साबित हुई, जब मुख्य विद्युत आपूर्ति बहाल होने में अभी समय लग रहा था।
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शानन की 66 केवी लाइन भी हुई बाधित
बिजली संकट की दूसरी बड़ी वजह शानन जलविद्युत परियोजना की 66 केवी लाइन में आई खराबी रही। परियोजना के मैनेजर संदीप कुमार के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे बिजनी के पास एक पेड़ गिरने से यह लाइन बंद हो गई।
इस लाइन के बाधित होने से मंडी शहर को मिलने वाली वैकल्पिक बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। यानी मुख्य आपूर्ति में खराबी के साथ बैकअप व्यवस्था को भी बाधा का सामना करना पड़ा।
विद्युत कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर गिरे हुए पेड़ को हटाने और लाइन को ठीक करने का काम शुरू किया। करीब पौने पांच बजे 66 केवी लाइन को दोबारा चालू कर दिया गया।
Mandi Power Cut पर दोहरी मार
बुधवार को मंडी की बिजली व्यवस्था पर एक साथ दो समस्याओं का असर पड़ा। एक ओर कांगू 132 केवी सब स्टेशन में तकनीकी खराबी थी, वहीं दूसरी ओर शानन परियोजना की 66 केवी लाइन पेड़ गिरने के कारण बंद हो गई।
इन दोनों घटनाओं के कारण मंडी शहर की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई। इसके बावजूद विद्युत बोर्ड ने वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपातकालीन सेवाओं को बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
सामान्य आपूर्ति बहाल होने से मिली राहत
विद्युत बोर्ड की टीम ने कांगू सब स्टेशन की तकनीकी खराबी को दूर कर करीब तीन बजे सामान्य बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इसके बाद लोगों को लंबे बिजली संकट से राहत मिली।
वहीं, शानन परियोजना की 66 केवी लाइन भी शाम करीब पौने पांच बजे चालू हो गई। इस लाइन से मुख्य रूप से मंडी शहर को बिजली आपूर्ति की जाती है।
विद्युत बोर्ड के मध्य जोन मंडी के मुख्य अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि कांगू सब स्टेशन की खराबी और शानन लाइन पर पेड़ गिरने के कारण बिजली व्यवस्था पर दोहरी मार पड़ी। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं को बिजली उपलब्ध कराई गई।
मंडी में बिजली व्यवस्था को लेकर क्या रहा असर?
इस घटना से यह स्पष्ट हुआ कि मुख्य विद्युत आपूर्ति के साथ बैकअप लाइन में भी समस्या आने पर शहर की बिजली व्यवस्था पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि, समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करने से अस्पताल और अन्य जरूरी सेवाओं को बिजली उपलब्ध कराई गई।
बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद मंडी और नेरचौक क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। विद्युत कर्मियों की लगातार मेहनत से दोनों तकनीकी समस्याओं को दूर किया गया।
Mandi Power Cut के कारण मंडी और नेरचौक क्षेत्र में बुधवार को कई घंटों तक बिजली संकट बना रहा। कांगू 132 केवी सब स्टेशन की तकनीकी खराबी और शानन की 66 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई। हालांकि, पंडोह से वैकल्पिक बिजली व्यवस्था कर अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाओं को प्राथमिकता दी गई। बाद में दोनों समस्याओं को दूर कर बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई।
