Dark matter यानी वह रहस्यमयी पदार्थ, जिसे वैज्ञानिक सीधे देख नहीं सकते, लेकिन जिसका गुरुत्वाकर्षण प्रभाव पूरे ब्रह्मांड में दिखाई देता है। अब वैज्ञानिकों को इसके कण का संभावित संकेत मिला है। दक्षिण डकोटा की लगभग 4,850 फीट गहरी भूमिगत प्रयोगशाला में LUX-ZEPLIN यानी LZ डिटेक्टर ने एक ऐसी घटना दर्ज की, जिसे सामान्य कणों से समझाना मुश्किल हो रहा है।
वैज्ञानिकों ने 1 सितंबर 2026 को इस संकेत से जुड़ी जानकारी साझा की। शुरुआती विश्लेषण के मुताबिक इस टक्कर के Dark matter से जुड़े होने की संभावना 99.5 प्रतिशत बताई गई है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसे अभी खोज या पक्की पुष्टि नहीं माना है।
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Dark matter की खोज में क्या मिला?
यह घटना 16 जून 2023 को LZ डिटेक्टर में हुई थी। यह प्रयोग दक्षिण डकोटा की Sanford Underground Research Facility में किया जाता है। यहां सामान्य कणों और ब्रह्मांडीय विकिरण से आने वाले शोर को कम करने के लिए डिटेक्टर को जमीन के बहुत नीचे रखा गया है।
LZ के अंदर तरल xenon से भरा एक विशाल टैंक है। यदि कोई कण xenon परमाणु के नाभिक से टकराता है, तो बेहद छोटी चमक पैदा होती है। संवेदनशील उपकरण इन चमक के संकेतों को रिकॉर्ड करते हैं।
मार्च 2023 से अप्रैल 2024 के बीच वैज्ञानिकों ने डिटेक्टर में दर्ज होने वाली घटनाओं का बेहद सावधानी से विश्लेषण किया। अधिकांश घटनाओं को सामान्य कणों की वजह से समझाया जा सका, लेकिन 16 जून 2023 की घटना अलग नजर आई।
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Dark matter और WIMP कण का कनेक्शन
वैज्ञानिक लंबे समय से मानते हैं कि Dark matter किसी प्रकार के कणों से बना हो सकता है। इसके संभावित उम्मीदवारों में WIMPs यानी Weakly Interacting Massive Particles भी शामिल हैं।
WIMP की खासियत यह मानी जाती है कि वह सामान्य पदार्थ के साथ बेहद कम प्रतिक्रिया करेगा। इसी वजह से उसे पकड़ना बेहद मुश्किल है। अगर ऐसा कण किसी परमाणु के नाभिक से टकराए, तो उस टक्कर का बहुत कमजोर संकेत संवेदनशील डिटेक्टर में दिखाई दे सकता है।
NASA के अनुसार Dark matter प्रकाश को उत्सर्जित, अवशोषित या परावर्तित नहीं करता, इसलिए इसे सीधे देखा नहीं जा सकता। इसके अस्तित्व का अनुमान मुख्य रूप से इसके गुरुत्वाकर्षण प्रभावों से लगाया जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार ब्रह्मांड के कुल mass-energy का करीब 27 प्रतिशत Dark matter है।
LZ डिटेक्टर ने कैसे पकड़ा संकेत?
LZ में liquid xenon को लक्ष्य पदार्थ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। किसी कण के xenon nucleus से टकराने पर प्रकाश की चमक और इलेक्ट्रॉनों की गति से जुड़े संकेत उत्पन्न होते हैं।
वैज्ञानिकों ने डिटेक्टर को कई स्तरों की shielding से सुरक्षित किया है। इसका उद्देश्य neutron और gamma ray जैसे ऐसे कणों को कम करना है, जो Dark matter जैसे संकेत पैदा करके वैज्ञानिकों को भ्रमित कर सकते हैं।
यही वजह है कि भूमिगत स्थान इस प्रयोग के लिए महत्वपूर्ण है। ऊपर मौजूद हजारों फीट चट्टान अंतरिक्ष से आने वाले कई प्रकार के विकिरण को रोकने में मदद करती है।
क्या Dark matter की खोज हो गई?
फिलहाल इसका जवाब नहीं है। वैज्ञानिकों के पास केवल एक असामान्य घटना का संकेत है। National Geographic की रिपोर्ट के अनुसार इस परिणाम से जुड़ा प्रीप्रिंट अभी peer-reviewed नहीं है। वैज्ञानिकों को और अधिक डेटा की जरूरत है।
एक महत्वपूर्ण सांख्यिकीय अंतर भी है। इस घटना को सामान्य कणों की टक्कर होने की संभावना लगभग 1 में 200 बताई गई है। जबकि भौतिकी में किसी खोज को 5-sigma स्तर तक पहुंचाने के लिए बहुत अधिक मजबूत सांख्यिकीय प्रमाण चाहिए।
इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि वैज्ञानिकों ने Dark matter particle खोज लिया है। इसे फिलहाल एक संभावित और बेहद रोमांचक संकेत माना जा रहा है।
Dark matter इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
Dark matter को ब्रह्मांड की संरचना समझने में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। NASA के अनुसार आकाशगंगाओं की गति, galaxy clusters और gravitational lensing जैसी घटनाओं को समझाने में Dark matter की भूमिका दिखाई देती है।
वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि Dark matter वास्तव में किस चीज से बना है। WIMP के अलावा axion और primordial black holes जैसे दूसरे उम्मीदवार भी वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हैं।
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आगे क्या होगा?
LZ प्रयोग लगातार डेटा एकत्र कर रहा है। अगर भविष्य में इसी तरह के कई और संकेत मिलते हैं और उन्हें सामान्य कणों या रेडियोधर्मी प्रक्रियाओं से नहीं समझाया जा सका, तो WIMP की संभावना काफी मजबूत हो सकती है।
अगर ऐसी घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि होती है, तो यह आधुनिक भौतिकी की सबसे बड़ी खोजों में से एक हो सकती है। इससे Standard Model से आगे की नई physics को समझने का रास्ता भी खुल सकता है।
Dark matter की खोज में LZ डिटेक्टर से मिला यह संकेत विज्ञान की दुनिया के लिए बेहद रोमांचक है। लेकिन अभी इसे Dark matter particle की अंतिम खोज कहना जल्दबाजी होगी। अधिक डेटा, स्वतंत्र जांच और मजबूत सांख्यिकीय प्रमाण ही यह तय करेंगे कि यह वास्तव में WIMP था या कोई सामान्य कणीय घटना। अगर भविष्य में इसकी पुष्टि होती है, तो यह ब्रह्मांड के सबसे बड़े रहस्यों में से एक को सुलझाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।
