Sukma Naxal Arms Recovery अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जंगल में सोमवार को सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई भेज्जी थाना क्षेत्र के भंडारपदर-मुनुरकोंडा इलाके में की गई। संयुक्त टीम ने जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में एरिया डोमिनेशन तथा सर्च ऑपरेशन चलाया था।
इस अभियान में जिला बल, जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम शामिल थी। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई से पहले आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिले खुफिया इनपुट का इस्तेमाल किया गया।
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नक्सल डंप से हथियारों का भारी जखीरा बरामद
सुरक्षा बलों को भंडारपदर के जंगल में एक छिपा हुआ डंप मिला। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, विस्फोटक और नक्सल गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई।
बरामद हथियारों में SLR राइफल, .315 बोर राइफल, .410 मस्केट राइफल, छह BGL लॉन्चर, सिंगल शॉट राइफल और देशी .315 बोर पिस्टल शामिल हैं।
इसके अलावा पांच 12-बोर राइफल और सात मजल-लोडिंग गन भी बरामद की गईं। हथियारों के साथ बड़ी संख्या में गोला-बारूद मिलने से सुरक्षा बलों ने इसे महत्वपूर्ण बरामदगी बताया है।
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Sukma Naxal Arms Recovery में क्या-क्या मिला
पुलिस के मुताबिक तलाशी में 45 AK-47 राउंड, 196 SLR राउंड, 89 INSAS राउंड, 97 .303 राउंड, 20 .315 राउंड और 45 12-बोर राउंड बरामद किए गए।
इसके अलावा 66 BGL कारतूस भी मिले। सुरक्षा बलों को आठ बड़े, 23 मध्यम और 58 छोटे BGL शेल तथा आठ BGL वारहेड भी मिले।
तलाशी के दौरान पांच देशी हैंड ग्रेनेड और 240 जिलेटिन स्टिक बरामद की गईं। पुलिस ने बताया कि विस्फोटक सामग्री को जंगल में छिपाकर रखा गया था।
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AK-47 और INSAS के सैकड़ों राउंड जब्त
बरामदगी में केवल हथियार ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में अतिरिक्त सामग्री भी शामिल है। सुरक्षा बलों ने दो स्टील कंटेनरों में रखा 18 किलोग्राम गनपाउडर जब्त किया।
इसके साथ 31 खाली AK-47 कारतूस और अन्य खाली कारतूसों के खोखे भी मिले। मैगजीन, पाउच, बेल्ट और अन्य उपकरण भी नक्सल डंप से बरामद किए गए।
जंगल में छिपाई गई थी दैनिक उपयोग की सामग्री
पुलिस के अनुसार डंप में काले रंग की वर्दियां, रक्सैक, बालाक्लावा, सोलर पैनल, दवाइयां और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री भी मिली।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए ऐसी बरामदगी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दूरदराज के जंगलों में छिपाए गए डंप लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के लिए रसद और हथियारों का स्रोत बने रह सकते हैं।
खुफिया इनपुट के बाद चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर भंडारपदर और मुनुरकोंडा के जंगल व पहाड़ी क्षेत्रों में अभियान शुरू किया गया था।
संयुक्त टीम ने पहले इलाके में एरिया डोमिनेशन किया और इसके बाद संदिग्ध स्थानों पर सघन तलाशी ली। इसी दौरान भंडारपदर जंगल में छिपा हुआ डंप मिला।
यह कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुफिया जानकारी और संयुक्त सुरक्षा अभियान के महत्व को भी दर्शाती है।
नक्सल नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी
Sukma Naxal Arms Recovery को सुकमा पुलिस के लगातार चल रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार जंगलों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपाकर रखे गए हथियार तथा सामग्री के डंप खोजने और उन्हें नष्ट करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
सुरक्षा बल एरिया डोमिनेशन और सर्च ऑपरेशन के जरिए ऐसे छिपे ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। इसका उद्देश्य नक्सल गतिविधियों के लिए हथियार और रसद की उपलब्धता को कमजोर करना है।
पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेंगे। हालांकि बरामद सामग्री के संबंध में आगे की जांच और कार्रवाई संबंधित सुरक्षा एवं पुलिस एजेंसियों द्वारा की जाएगी।
Sukma Naxal Arms Recovery में AK-47 और INSAS के कारतूसों से लेकर BGL लॉन्चर, हैंड ग्रेनेड, जिलेटिन स्टिक और गनपाउडर तक बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद हुई है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिले इनपुट के बाद की गई यह कार्रवाई जंगलों में छिपे हथियार डंप के खिलाफ सुरक्षा बलों की रणनीति को मजबूत करती है। सुकमा में ऐसे छिपे कैश और नक्सल नेटवर्क को तलाशने के लिए सुरक्षा अभियान आगे भी जारी रहने की बात पुलिस ने कही है।
