Dearness Relief MP को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने करीब 4 लाख पेंशनर्स के हित में बड़ा फैसला लिया है। अब केंद्र सरकार जैसे ही महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में बढ़ोतरी करेगी, मध्यप्रदेश सरकार उसे लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति का इंतजार नहीं करेगी। इससे वर्षों से चली आ रही देरी समाप्त होगी और पेंशनर्स को समय पर बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिल सकेगा।
यह निर्णय मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों की आपसी सहमति से लागू किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से प्रभावी कर दिया गया है।
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Dearness Relief MP: क्या है सरकार का नया फैसला?
नए फैसले के तहत अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य केंद्र सरकार द्वारा महंगाई राहत (DR) बढ़ाए जाने के बाद अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत लागू कर सकेंगे।
पहले दोनों राज्यों के बीच सहमति बनने के बाद ही महंगाई राहत लागू होती थी, जिसके कारण पेंशनर्स को कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता था।
अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
4 लाख पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ मध्यप्रदेश के लगभग 4 लाख पेंशनर्स और उनके परिवारों को मिलेगा।
अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद राज्य सरकार बिना किसी अतिरिक्त मंजूरी का इंतजार किए महंगाई राहत लागू कर सकेगी। इससे पेंशनर्स को समय पर संशोधित डीआर का भुगतान मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
### Dearness Relief MP: पहले क्यों होती थी देरी?
वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद दोनों राज्यों के बीच पेंशनर्स की महंगाई राहत को लेकर एक व्यवस्था बनाई गई थी।
इस व्यवस्था के अनुसार महंगाई राहत लागू करने के लिए दोनों राज्यों की सहमति आवश्यक थी।
यही कारण था कि कई बार केंद्र सरकार द्वारा डीआर बढ़ाने के बाद भी पेंशनर्स को 6-6 महीने तक बढ़ी हुई राहत का इंतजार करना पड़ता था।
अब इस प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है।
नए नियम में क्या-क्या बदला?
मध्यप्रदेश के वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी और छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार—
- अब महंगाई राहत बढ़ाने के लिए विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी।
- दोनों राज्य कार्यकारी आदेश जारी कर स्वतंत्र रूप से DR लागू कर सकेंगे।
- दोनों राज्य वित्तीय भार की जानकारी एक-दूसरे से साझा करेंगे।
- महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य की मंजूरी आवश्यक नहीं होगी।
- कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित DR की दर से अधिक महंगाई राहत नहीं देगा।
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#### Dearness Relief MP पर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का बयान
मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इस फैसले को पेंशनर्स के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेंशनर्स की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील और सकारात्मक निर्णय लिया है।
उनके अनुसार अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य स्वतंत्र रूप से महंगाई राहत लागू कर सकेंगे, जिससे अनावश्यक देरी समाप्त होगी और पेंशनर्स को समय पर लाभ मिलेगा।
पेंशनर्स के लिए यह फैसला क्यों है महत्वपूर्ण?
महंगाई राहत (Dearness Relief) का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करना और पेंशनर्स की क्रय शक्ति बनाए रखना है।
जब डीआर समय पर लागू नहीं होता था, तब पेंशनर्स को बढ़ी हुई राशि मिलने में काफी विलंब होता था। नए फैसले से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल होगी और राज्य सरकारें तेजी से निर्णय ले सकेंगी।
आगे क्या होगा?
अब जब भी केंद्र सरकार पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत में बढ़ोतरी की घोषणा करेगी, मध्यप्रदेश सरकार स्वतंत्र रूप से आदेश जारी कर सकेगी।
हालांकि, डीआर की दर केंद्र सरकार द्वारा तय सीमा से अधिक नहीं होगी और दोनों राज्यों के बीच वित्तीय जानकारी साझा करने की प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहेगी।
Dearness Relief MP को लेकर लिया गया यह निर्णय मध्यप्रदेश के लगभग 4 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। अब महंगाई राहत लागू करने में छत्तीसगढ़ की सहमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे वर्षों से चली आ रही देरी खत्म होगी। प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होने के साथ पेंशनर्स को समय पर बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिल सकेगा। Dearness Relief MP का यह नया नियम लाखों पेंशनर्स की आर्थिक सुरक्षा और सुविधा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
