Puri Rath Yatra 2026 के दौरान ओडिशा के पुरी में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हालांकि, ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया है कि रथ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की भगदड़ (Stampede) नहीं हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि पूरी रथ यात्रा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और प्रशासनिक समन्वय के साथ संपन्न हुई। लगातार बारिश और भारी भीड़ के बावजूद सभी प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरे किए गए।
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Puri Rath Yatra 2026 में क्या हुआ?
विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा 2026 गुरुवार को धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ आयोजित हुई। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, देवी सुभद्रा और सुदर्शन चक्रराज के रथों का पारंपरिक तरीके से नगर भ्रमण कराया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस वर्ष रथ यात्रा में करीब 8 से 9 लाख श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालु केवल ओडिशा ही नहीं, बल्कि देश और विदेश से भी पुरी पहुंचे।
लगातार बारिश के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी और सभी धार्मिक कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे हुए।
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Puri Rath Yatra 2026 में दो श्रद्धालुओं की मौत कैसे हुई?
ओडिशा सरकार के आधिकारिक बयान के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान सात श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत चिकित्सा दल द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया।
इनमें से 60 वर्ष से अधिक आयु के एक पुरुष श्रद्धालु की मौत हो गई। प्रशासन ने कहा कि उनकी मौत के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
इसके अलावा, 35 वर्ष से अधिक आयु के एक अन्य पुरुष श्रद्धालु की हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) से मृत्यु हो गई। उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
सरकार ने स्पष्ट किया कि दोनों घटनाएं अलग-अलग थीं और इनका किसी कथित भगदड़ से संबंध नहीं है।
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Puri Rath Yatra 2026 पर सरकार ने भगदड़ की खबरों से किया इनकार
सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बनने की चर्चा हुई थी।
हालांकि, ओडिशा सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में इन खबरों का खंडन किया है।
सरकार ने कहा कि:
- रथ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की भगदड़ नहीं हुई।
- भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी रही।
- प्रशासनिक तंत्र लगातार निगरानी करता रहा।
- सभी आवश्यक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती रहीं।
सरकार के अनुसार, लगातार बारिश और अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं को थकान, डिहाइड्रेशन, घुटन और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हुईं, जिनका समय पर इलाज किया गया।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए किए गए व्यापक इंतजाम
Puri Rath Yatra 2026 को सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी।
इनमें शामिल थे—
- ओडिशा पुलिस की व्यापक तैनाती
- ODRAF और NDRF की टीमें
- स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल यूनिट
- फायर सर्विस की टीमें
- CCTV कैमरों से निगरानी
- सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली
- ट्रैफिक नियंत्रण
- पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था
- आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं
सरकार का कहना है कि इन व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही बिना किसी बड़ी बाधा के जारी रही।
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जताया आभार
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रथ यात्रा के सफल आयोजन के लिए सेवायतों, प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षा बलों, स्वयंसेवकों और लाखों श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के अनुशासन और सहयोग के कारण पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सका।
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार भविष्य में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर आधारभूत ढांचे के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।
बारिश के बावजूद सफल रहा आयोजन
लगातार बारिश के कारण कई श्रद्धालुओं को असुविधा हुई और कुछ लोगों को अस्पताल ले जाना पड़ा।
हालांकि, सरकार का कहना है कि अधिकांश श्रद्धालुओं का उपचार कर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आधिकारिक बयान के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों, सेवायतों और स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से सभी धार्मिक अनुष्ठान समय पर पूरे हुए।
Puri Rath Yatra 2026 के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया है कि आयोजन के दौरान कोई भगदड़ या भीड़ प्रबंधन की विफलता नहीं हुई। सरकार के अनुसार, लगातार बारिश और अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी थी, जबकि दोनों मौतों के कारण अलग-अलग थे। प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बताया है तथा भविष्य में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया है।
