Skip to main content

4thnation

Jagannath Rath Yatra Dokda: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

Jagannath Rath Yatra Dokda के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पारंपरिक गजपति महाराजा की भूमिका निभाते हुए छेरा पहरा की पवित्र परंपरा का निर्वहन किया। उन्होंने सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे प्रतीकात्मक रूप से मार्ग का मार्जन किया और चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया।

📲 छत्तीसगढ़ की हर बड़ी और विश्वसनीय खबर सबसे पहले पाने के लिए Join करें 4thNation WhatsApp Channel:
https://whatsapp.com/channel/0029VaOjosfFHWq7ssCngl1j


Jagannath Rath Yatra Dokda में निभाई गजपति महाराजा की परंपरा

Jagannath Rath Yatra Dokda के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ओडिशा की प्रसिद्ध परंपरा के अनुरूप गजपति महाराजा की भूमिका निभाई। उन्होंने भगवान के रथ के आगे छेरा पहरा की रस्म पूरी कर सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश दिया।

सनातन परंपरा में छेरा पहरा का विशेष महत्व माना जाता है। इस परंपरा के अनुसार राजा स्वयं भगवान के सेवक के रूप में रथ के आगे झाड़ू लगाकर यह संदेश देते हैं कि ईश्वर के समक्ष सभी समान हैं।

मुख्यमंत्री द्वारा इस परंपरा के निर्वहन के दौरान पूरा परिसर “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखध्वनि, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय हो उठा।


Jagannath Rath Yatra Dokda की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि Jagannath Rath Yatra Dokda केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि दोकड़ा की यह ऐतिहासिक रथयात्रा वर्ष 1942 से लगातार आयोजित की जा रही है और आज भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा आयोजित की गई है।

उन्होंने दोकड़ा के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है।

यह भी पढ़ें: Matsogi-Do Championship: सुकमा की बेटी शैली गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक


भगवान जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ का है प्राचीन संबंध

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ और भगवान श्री जगन्नाथ के बीच सदियों पुराना सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंध रहा है।

उन्होंने कहा कि देवभोग का चावल आज भी पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है। यह परंपरा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के सांस्कृतिक रिश्तों का जीवंत प्रमाण है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से सनातन परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक एकता को मजबूत करने का भी आह्वान किया।


Jagannath Rath Yatra Dokda के मंच से विकास योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी के अनुरूप प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूरे किए जा चुके हैं।

साथ ही—

  • महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी की जा चुकी हैं।
  • रामलला दर्शन योजना से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं।
  • मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से भी बड़ी संख्या में नागरिक धार्मिक यात्राएं कर रहे हैं।
  • राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

बिजली, हेल्पलाइन और डिजिटल सेवाओं पर भी बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन माह बढ़ा दी गई है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का चौबीसों घंटे समाधान किया जा रहा है।

इसके अलावा अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


जशपुर के विकास को लेकर दी महत्वपूर्ण जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले को जल्द ही रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि—

धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना

इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति

जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी।

इन परियोजनाओं से जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।


भक्ति, संस्कृति और लोक परंपराओं का बना विराट उत्सव

Jagannath Rath Yatra Dokda के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन एवं संकीर्तन प्रस्तुत किए।

ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच हजारों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयघोष करते हुए रथयात्रा में शामिल हुए।

महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी ने पूरे आयोजन को आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं के भव्य उत्सव में बदल दिया।

इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


Jagannath Rath Yatra Dokda केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपराओं और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा गजपति महाराजा की परंपरा निभाते हुए छेरा पहरा करना सेवा, समर्पण और विनम्रता का प्रेरक संदेश देता है। साथ ही, इस अवसर पर प्रदेश की विकास योजनाओं और जशपुर के लिए घोषित महत्वपूर्ण परियोजनाओं ने इस आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया। Jagannath Rath Yatra Dokda आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *