Chhattisgarh State Cricket Sangh (CSCS) को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) से बड़ा झटका लगा है। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को अगली सुनवाई तक बिना अनुमति किसी भी खेल गतिविधि से रोक दिया गया है।
यह आदेश भूजल संरक्षण और जल प्रबंधन नियमों के उल्लंघन को लेकर पारित किया गया है।
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क्या है पूरा मामला
NGT ने अप्रैल में देशभर के छह प्रमुख स्टेडियमों को नोटिस जारी किया था, जिसमें रायपुर का स्टेडियम भी शामिल था। इसके अलावा अरुण जेटली स्टेडियम (दिल्ली), सवाई मानसिंह स्टेडियम (जयपुर), डीवाई पाटिल स्टेडियम (मुंबई), इकाना स्टेडियम (लखनऊ) और बाराबती स्टेडियम (कटक) को भी नोटिस भेजे गए थे।
आरोप था कि इन स्टेडियमों ने पिच और आउटफील्ड की देखरेख के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी के स्रोत की जानकारी सेंट्रल ग्राउंड वाटर अथॉरिटी (CGWA) को नहीं दी।
रायपुर, जयपुर और मुंबई ने नहीं दिया जवाब
NGT के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि बार-बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद रायपुर, जयपुर और डीवाई पाटिल स्टेडियम प्रबंधन ने कोई जवाब नहीं दिया। इसी लापरवाही के चलते ट्रिब्यूनल ने सख्त रुख अपनाया।
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वुमन टी-20 सीरीज पर अनिश्चितता
इस अंतरिम आदेश से अक्टूबर में प्रस्तावित भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा गए हैं। हालांकि फिक्सचर की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
रायपुर में तीन मैचों की यह सीरीज खेली जानी प्रस्तावित थी, लेकिन NGT के आदेश के बाद इसका आयोजन खतरे में पड़ गया है।
CSCS का जवाब और एक्शन प्लान
Chhattisgarh State Cricket Sangh के डायरेक्टर विजय शाह ने माना कि स्टेडियम में अब तक एक सुव्यवस्थित रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है। उन्होंने बताया कि छह महीने पहले ही सरकार ने स्टेडियम का नियंत्रण एसोसिएशन को सौंपा था।
शाह ने कहा कि अगले दो से तीन महीनों में स्टेडियम के नवीनीकरण के दौरान पर्यावरण मानकों के अनुरूप जल संरक्षण प्रणाली स्थापित की जाएगी। एक्शन प्लान तैयार कर अगली सुनवाई में NGT के सामने पेश किया जाएगा।
भूजल की कमी नहीं होने का दावा
शाह ने यह भी दावा किया कि स्टेडियम में अब तक पानी की कोई कमी नहीं रही, क्योंकि आसपास कोई गांव या बड़ी आबादी नहीं है। करीब एक दशक पहले खोदा गया बोरवेल अब भी पर्याप्त पानी दे रहा है।
भूजल संकट को लेकर NGT सख्त
NGT के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की बेंच ने बढ़ते जल संकट का हवाला देते हुए तीनों स्टेडियमों को अगली सुनवाई तक बिना अनुमति खेल गतिविधि पर रोक लगाई है। अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
ट्रिब्यूनल ने विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट और ठोस रोडमैप पेश करने को भी कहा है।
अन्य स्टेडियमों पर भी असर
बाराबती स्टेडियम ने जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा है, जबकि इकाना और अरुण जेटली स्टेडियम पहले ही अपने जवाब दाखिल कर चुके हैं, जिसके बाद CGWA ने अतिरिक्त जानकारी मांगी है।
गर्मियों में आउटफील्ड की देखरेख के लिए रोजाना करीब एक लाख लीटर पानी की जरूरत पड़ती है, जिसे लेकर पर्यावरणीय चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
Chhattisgarh State Cricket Sangh के सामने अब NGT के निर्देशों का पालन करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की कमी और भूजल उपयोग को लेकर उठे सवालों का जवाब समय रहते देना जरूरी होगा, वरना अक्टूबर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर भी असर पड़ सकता है। आने वाली सुनवाई में CSCS का एक्शन प्लान ही तय करेगा कि रायपुर स्टेडियम का भविष्य क्या होगा।
