Bhilai, Durg | 12 अप्रैल 2026
Jaundice Bhilai — क्या है पूरा मामला?
Jaundice Bhilai की एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। दुर्ग जिले के भिलाई नगर स्थित वार्ड-67, सेक्टर-7, स्ट्रीट-37A में पीलिया (Jaundice) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
12 अप्रैल 2026 को इस क्षेत्र में पीलिया के मरीजों की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल एक्शन लिया और प्रभावित इलाके का विस्तृत भ्रमण कर सर्वे किया।
अब तक इस संक्रमित क्षेत्र में कुल 31 पीलिया के मरीज सामने आ चुके हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया क्षेत्र का भ्रमण
Jaundice Bhilai मामले में डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देशन में और डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में एक विशेष स्वास्थ्य टीम का गठन किया गया।
इस टीम में शामिल थे:
- डॉ. पियाम सिंग – प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला, भिलाई
- श्रीमती रितीका सोनवानी – जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग
- श्री विजय सेजुले – सुपरवाइजर
- श्री हितेन्द्र कोसरे – BETO (Block Extension Training Organizer)
- स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनें
इस पूरी टीम ने प्रभावित क्षेत्र का गहन भ्रमण किया और पीलिया ग्रस्त मरीजों के रक्त नमूने (Blood Samples) लिए।
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Jaundice Bhilai — अब तक कितने मरीज मिले?
Jaundice Bhilai के इस प्रकोप में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 12 अप्रैल 2026 को 65 घरों का भ्रमण किया।
इस एक दिन के सर्वे में 7 नए पीलिया मरीज सामने आए। इस प्रकार अब तक इस संक्रमित क्षेत्र में कुल 31 पीलिया मरीज पाए जा चुके हैं।
मरीजों की स्थिति — एक नजर में
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल भ्रमण किए गए घर | 65 |
| आज पहचाने गए नए मरीज | 07 |
| अब तक कुल मरीज | 31 |
| डिस्चार्ज किए गए मरीज | 01 |
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और लगातार मॉनिटरिंग जारी है।
मरीजों का उपचार कहाँ हो रहा है?
Jaundice Bhilai मामले में भर्ती मरीजों का उपचार भिलाई के दो प्रमुख अस्पतालों में किया जा रहा है:
अस्पतालवार भर्ती मरीजों की संख्या
1. श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, भिलाई यहाँ वर्तमान में 03 मरीज उपचाररत हैं।
2. पल्स हॉस्पिटल, भिलाई-1 यहाँ 01 मरीज इलाज करवा रहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने जानकारी दी कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्र में निगरानी कर रही है।
पीलिया कैसे फैलता है? — जानें कारण
Jaundice Bhilai जैसे मामलों में यह जानना बेहद जरूरी है कि पीलिया आखिर फैलता कैसे है।
पीलिया एक संक्रामक रोग है, जो प्रदूषित जल और दूषित भोजन के माध्यम से फैलता है। यह बीमारी विषाणुओं (Virus) के संक्रमण से होती है।
विषाणु के शरीर में प्रवेश के बाद कब दिखते हैं लक्षण?
विषाणुओं के शरीर में प्रवेश करने के बाद 15 से 50 दिनों के भीतर पीलिया के लक्षण प्रकट होते हैं।
इसीलिए संक्रमित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अगले कुछ हफ्तों तक सतर्क रहने की जरूरत है।
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Jaundice Bhilai — पीलिया के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विभाग ने Jaundice Bhilai प्रकोप के मद्देनजर लोगों को पीलिया के निम्नलिखित लक्षणों के प्रति सचेत किया है:
पीलिया के 8 प्रमुख लक्षण
- 🟡 भूख न लगना — खाने की इच्छा में अचानक कमी
- 🟡 पीले रंग की पेशाब होना — यह सबसे प्रमुख लक्षण है
- 🟡 भोजन का स्वाद न आना — खाना बेस्वाद लगना
- 🟡 उल्टी लगना या होना — जी मिचलाना
- 🟡 सिर में दर्द होना — लगातार सिरदर्द
- 🟡 कमजोरी और थकावट — शरीर में अत्यधिक थकान
- 🟡 पेट के दाहिनी तरफ ऊपर दर्द — लीवर पर दबाव का संकेत
- 🟡 आंखें व त्वचा का पीला होना — यह सबसे स्पष्ट पहचान है
यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
बचाव के उपाय — क्या करें, क्या न करें
Jaundice Bhilai जैसी स्थिति से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
✅ क्या करें?
- शुद्ध और उबला पानी ही पिएं
- खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं
- घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें
- ताजा और घर का बना खाना खाएं
- किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से मिलें
❌ क्या न करें?
- बाहर का कटा हुआ फल और खुला खाना न खाएं
- नल का बिना उबाला पानी न पिएं
- गंदे पानी में न नहाएं और न खेलें
- बीमारी को नजरअंदाज न करें
- स्व-उपचार (Self-medication) से बचें
Jaundice Bhilai पर स्वास्थ्य विभाग की पकड़ मजबूत
Jaundice Bhilai के सेक्टर-7, स्ट्रीट-37A में पीलिया के 31 मरीज मिलना एक गंभीर चेतावनी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया और टीम के अथक प्रयासों की वजह से स्थिति नियंत्रण में है।
डॉ. मनोज दानी और उनकी पूरी टीम का यह प्रयास सराहनीय है कि उन्होंने मात्र एक दिन में 65 घरों का सर्वे कर नए मरीजों की पहचान की और उन्हें समय पर उपचार दिलाया।
क्षेत्रवासियों से अपील है कि वे स्वच्छ जल और स्वच्छ भोजन का सेवन करें और किसी भी लक्षण पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। Jaundice Bhilai जैसी बीमारियों से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।
