Durg न्यूज़ — छत्तीसगढ़ के Durg जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक शातिर ठग ने रेलवे में नौकरी दिलाने का झाँसा देकर एक परिवार से 7 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने खुद को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कर्मचारी बताकर पीड़ित का विश्वास जीता और मोटी रकम ऐंठ ली। पीड़ित की शिकायत पर नेवई थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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Durg न्यूज़: मामले का पूरा विवरण
यह मामला दुर्ग जिले के नेवई थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, स्टेशन मरोदा, बीआरपी कॉलोनी निवासी खिलेश्वर साहू के साथ यह ठगी की गई।
आरोपी का नाम सतीश कुमार मरकाम है, जो ग्राम खोरपा, पाटन का निवासी है। उसने खिलेश्वर को यह विश्वास दिलाया कि वह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर में वेल्डर ग्रेड-3 पद पर कार्यरत है।
आरोपी ने कैसे बनाया शिकार?
रेलवे कर्मचारी बनकर जीता भरोसा
आरोपी सतीश कुमार मरकाम ने खुद को एक प्रतिष्ठित रेलवे कर्मचारी के रूप में पेश किया। उसने दावा किया कि रेलवे विभाग के कई बड़े अधिकारियों से उसकी सीधी पहचान है और वह बिना किसी परेशानी के नौकरी लगवा सकता है।
इस तरह के झूठे दावों ने खिलेश्वर और उनके परिवार को पूरी तरह विश्वास में ले लिया। 10 फरवरी 2022 को आरोपी सतीश खिलेश्वर के घर पहुँचा और उनकी पत्नी की मौजूदगी में 7 लाख रुपए नकद लेकर चला गया।
7 महीने में नौकरी का झूठा वादा
गारंटी के तौर पर दिए 3 कोरे चेक
आरोपी ने वादा किया था कि वह 7 महीने के भीतर खिलेश्वर को रेलवे में नौकरी दिला देगा। यदि नौकरी न लगे, तो वह 7 लाख रुपए वापस कर देगा।
पीड़ित का विश्वास और पक्का करने के लिए सतीश ने यूनियन बैंक, पाटन शाखा के 3 कोरे (blank) चेक गारंटी के रूप में दिए। इन चेकों को देखकर खिलेश्वर और उनके परिवार को यकीन हो गया कि सब कुछ सही होगा।
लेकिन 7 महीने बीत गए — न नौकरी लगी, न पैसे वापस आए। ठग का असली चेहरा धीरे-धीरे सामने आने लगा।
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पैसे मांगने पर करता रहा टालमटोल
Durg न्यूज़: ठग का असली चेहरा आया सामने
जब खिलेश्वर साहू ने पैसे वापस माँगे, तो आरोपी सतीश ने बहानेबाजी शुरू कर दी। कभी अधिकारी से मिलने की बात कही, कभी समय माँगा — लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
महीनों तक इसी तरह टालमटोल चलती रही। पीड़ित परिवार मानसिक और आर्थिक दोनों तरह से परेशान होता रहा।
इकरारनामे के बाद भी नहीं लौटाई रकम
जब दबाव बढ़ा तो आरोपी ने 28 जुलाई 2023 को एक लिखित इकरारनामा (समझौता पत्र) पर हस्ताक्षर किए। इसमें उसने स्वीकार किया कि उसने पैसे लिए हैं और वह वापस करेगा।
लेकिन इस लिखित स्वीकारोक्ति के बावजूद भी आरोपी ने रकम नहीं लौटाई। यह साफ हो गया कि वह जानबूझकर ठगी कर रहा था और कभी पैसे वापस करने का इरादा नहीं था।
पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक रिमांड
Durg न्यूज़: नेवई थाना पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
आखिरकार परेशान होकर खिलेश्वर साहू ने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने आरोपी सतीश कुमार मरकाम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
कोर्ट ने भेजा जेल
आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सतीश कुमार मरकाम को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। अब पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है।
Durg न्यूज़: ऐसी ठगी से कैसे बचें?
रेलवे या किसी भी सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। Durg न्यूज़ के पाठकों के लिए कुछ ज़रूरी सावधानियाँ:
- किसी भी अनजान व्यक्ति को नौकरी के नाम पर नकद रकम न दें।
- सरकारी नौकरी की आधिकारिक वेबसाइट जैसे Indian Railways Official Site से ही जानकारी लें।
- किसी भी दावे की लिखित पुष्टि और सरकारी दस्तावेज़ माँगें।
- ठगी होने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या नज़दीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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Durg का यह मामला एक बड़ी चेतावनी है उन सभी के लिए जो रेलवे या किसी भी सरकारी नौकरी के नाम पर अनजान व्यक्तियों पर भरोसा कर मोटी रकम दे देते हैं। आरोपी सतीश कुमार मरकाम ने वर्षों तक पीड़ित परिवार को झाँसे में रखा, लेकिन अंततः पुलिस की सतर्कता और पीड़ित की हिम्मत ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।
नेवई थाना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जानी चाहिए। Durg की यह खबर समाज को सतर्क करती है — सरकारी नौकरी केवल मेहनत और आधिकारिक प्रक्रिया से मिलती है, किसी बिचौलिए के ज़रिए नहीं।
