छत्तीसगढ़ News की एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के जेल विभाग ने दूरसंचार कंपनी BSNL (Bharat Sanchar Nigam Limited) के साथ एक ऐतिहासिक MoU (Memorandum of Understanding) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते के तहत छत्तीसगढ़ की 33 जेलों में Video और Audio Calling System लगाया जाएगा। यह निर्णय राज्य सरकार की उस पहल का हिस्सा है, जिसमें जेलों को अधिक मानवीय और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
अभी तक केवल 17 जेलों में Audio Calling की सुविधा थी, जबकि किसी भी जेल में Video Calling की व्यवस्था नहीं थी। यह नई प्रणाली बंदियों को उनके परिवार और वकील से सीधे face-to-face बात करने का मौका देगी।
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क्यों लिया गया यह ऐतिहासिक फैसला?
मानसिक तनाव दूर करना है मुख्य उद्देश्य
जेल प्रशासन का मानना है कि परिवार से लंबे समय तक दूर रहने के कारण बंदियों में मानसिक तनाव, अवसाद और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। इससे उनका व्यवहार भी नकारात्मक होता है और जेल में अनुशासन बनाए रखना कठिन हो जाता है।
Video Calling के जरिए बंदी अपने परिवार के चेहरे देख सकेंगे, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा। बच्चों से, माता-पिता से और जीवनसाथी से बात करने से उनकी मानसिक स्थिति बेहतर रहेगी।
समाज में पुनर्वास होगा आसान
जेल विभाग के अनुसार, जो बंदी मानसिक रूप से स्वस्थ और अपने परिवार से जुड़े रहते हैं, वे जेल से बाहर आने के बाद समाज में जल्दी और बेहतर ढंग से घुलमिल पाते हैं।
यह व्यवस्था न केवल बंदियों के लिए, बल्कि उनके परिजनों के लिए भी राहत लेकर आएगी। अब परिवार को बार-बार दूर-दराज की जेलों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
BSNL का क्या रहेगा रोल — Hardware और Software होगा मुफ्त
MoU की शर्तें क्या हैं?
छत्तीसगढ़ News में यह जानना जरूरी है कि इस समझौते में BSNL की भूमिका बेहद अहम है। MoU के तहत BSNL सभी 33 जेलों में Hardware और Software पूरी तरह मुफ्त में स्थापित करेगा।
जेल विभाग को इस Infrastructure Setup के लिए कोई अतिरिक्त पूंजी खर्च नहीं करनी होगी। यह सरकारी खजाने के लिए भी एक बड़ी राहत है।
कॉल का खर्च कितना होगा?
प्रति मिनट दर — Audio और Video कॉल
इस नई व्यवस्था में हर बंदी को सप्ताह में एक बार 5 मिनट की कॉल करने का अधिकार होगा। इसके लिए निर्धारित दरें इस प्रकार हैं:
| कॉल का प्रकार | दर (प्रति मिनट) |
|---|---|
| Audio Call | ₹1 प्रति मिनट |
| Video Call | ₹5 प्रति मिनट |
यह दरें बेहद किफायती हैं, जिससे बंदी या उनके परिवार पर कोई बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। 5 मिनट की Video Call का खर्च मात्र ₹25 होगा।
छत्तीसगढ़ News: पहले चरण में इन 5 जेलों को मिलेगी Video Calling
केंद्रीय जेलों से होगी शुरुआत
छत्तीसगढ़ News के अनुसार, पहले चरण में राज्य की 5 केंद्रीय जेलों में यह सुविधा शुरू की जाएगी:
- 🏛️ रायपुर — राजधानी की केंद्रीय जेल
- 🏛️ दुर्ग — दुर्ग केंद्रीय जेल
- 🏛️ बिलासपुर — बिलासपुर केंद्रीय जेल
- 🏛️ अंबिकापुर — अंबिकापुर केंद्रीय जेल
- 🏛️ जगदलपुर — बस्तर की केंद्रीय जेल
इन जेलों में राज्य के सबसे अधिक बंदी निरुद्ध हैं। इसलिए पहले इन्हें प्राथमिकता दी गई है।
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दूसरे चरण में इन जिलों की जेलें होंगी शामिल
पूरे प्रदेश में फैलेगा Network
पहले चरण की सफलता के बाद, दूसरे चरण में निम्न जिलों की जेलों में Video और Audio Calling की सुविधा प्रदान की जाएगी:
- जशपुर, कबीरधाम, रायगढ़, जांजगीर
- कोरबा, राजनांदगांव, दंतेवाड़ा, सुकमा
- कांकेर, रामानुजगंज, धमतरी, महासमुंद
- बलौदाबाजार, गरियाबंद, पेंड्रारोड, मुंगेली
- बैकुण्ठपुर, सूरजपुर, संजारी-बालोद, बेमेतरा
इस प्रकार छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में बंदियों को यह आधुनिक सुविधा मिल सकेगी।
उप जेलों में क्या व्यवस्था होगी?
Audio System से होगी शुरुआत
राज्य के उप जेलों में फिलहाल केवल Audio Calling System स्थापित किया जाएगा। जिन उप जेलों में यह सुविधा मिलेगी, उनमें शामिल हैं:
- कटघोरा, सक्ती, सारंगढ़, मनेन्द्रगढ़
- डोंगरगढ़, खैरागढ़, नारायणपुर, बीजापुर
इन क्षेत्रों की जेलों में Infrastructure की सीमाओं को देखते हुए पहले Audio System से शुरुआत करना व्यावहारिक निर्णय है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का महत्वपूर्ण निर्देश
जल्द पूरा करें काम — कड़ा संदेश
छत्तीसगढ़ News: राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जेल विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह सुविधा बंदियों के मानवाधिकारों की दिशा में एक जरूरी कदम है। सरकार चाहती है कि जेलें केवल दंड का स्थान न होकर सुधार और पुनर्वास का केंद्र बनें।
इस पहल को राज्य सरकार की “Jail Reform Policy” का हिस्सा माना जा रहा है।
🔗 BSNL Official Website — bsnl.co.in
परिवारों को क्या होगा फायदा?
समय और पैसे दोनों की बचत
अब तक बंदियों के परिजनों को मुलाकात के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। इसमें यात्रा का खर्च, समय और शारीरिक थकान — सब कुछ लगता था।
Video Calling से परिवार घर बैठे ही अपने प्रियजन का चेहरा देख सकेंगे, उनसे बात कर सकेंगे। यह विशेष रूप से बुजुर्ग माता-पिता, छोटे बच्चों और महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
वकीलों के लिए भी बड़ा फायदा
बंदियों के अधिवक्ता (Advocates) भी अब Video Call के जरिए अपने मुवक्किलों से केस की जानकारी और दस्तावेज पर चर्चा कर सकेंगे। इससे न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और बंदियों को बेहतर कानूनी सहायता मिल सकेगी।
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छत्तीसगढ़ News में एक नई उम्मीद की किरण
छत्तीसगढ़ News में यह खबर वाकई एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है। राज्य की 33 जेलों में BSNL के साथ MoU और Video-Audio Calling System की स्थापना न केवल बंदियों के जीवन में बदलाव लाएगी, बल्कि जेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी, मानवीय और आधुनिक बनाएगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की यह पहल, छत्तीसगढ़ सरकार की बंदियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। पहले चरण में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर से शुरुआत होगी और धीरे-धीरे यह सुविधा पूरे प्रदेश में फैलेगी।
यह छत्तीसगढ़ News बताती है कि जेल सुधार की दिशा में यह राज्य देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
