Chhattisgarh News में इन दिनों एक बेहद अनोखी और चर्चित शादी की खबर छाई हुई है। कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत बैलगांव में हाल ही में एक ऐसा विवाह संपन्न हुआ जिसने पूरे इलाके में कौतूहल और हैरानी का माहौल बना दिया।
यहाँ एक युवक ने एक ही मंडप में दो युवतियों के साथ शादी रचाई। यह त्रिकोणीय विवाह न केवल क्षेत्र में बल्कि अब सोशल मीडिया पर भी तेज़ी से वायरल हो रहा है।
खास बात यह है कि यह विवाह किसी जबरदस्ती या विवाद का परिणाम नहीं है, बल्कि तीनों पक्षों और उनके परिवारों की पूर्ण आपसी सहमति से संपन्न हुआ।
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कौन हैं दूल्हा और दोनों दुल्हनें?
इस अनोखे विवाह के केंद्र में हैं बैलगांव निवासी हितेश यादव। दूल्हे का नाम हितेश यादव है जो बैलगांव का ही निवासी है।
दोनों दुल्हनों में पहली हैं — फूलबती नाग, जो शंकरपुर (फरसगांव) की निवासी हैं, और दूसरी हैं — यामिनी देहारी, जो बनियागांव (धनोरा) की रहने वाली हैं।
तीनों का क्या था आपसी रिश्ता?
जानकारी के अनुसार, हितेश यादव का दोनों युवतियों से पूर्व में ही प्रेम संबंध था। यही वह भावनात्मक पृष्ठभूमि है जो इस अनोखे विवाह की जड़ में है।
तीनों की यह प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है और इसी ने अंततः एक अभूतपूर्व विवाह का रूप लिया।
DoFollow Links:
- 🌐 Hindu Marriage Act 1955 – India Code Official Portal
- 🌐 Kondagaon District Official Website – Chhattisgarh Government
पहले मना किया, फिर दी सहमति – जानें पूरी कहानी
यह विवाह कैसे हुआ, इसकी पूरी कहानी भी बेहद दिलचस्प है।
हितेश ने पहले फूलबती को दिया था प्रस्ताव
हितेश यादव ने सबसे पहले फूलबती नाग को विवाह का प्रस्ताव दिया था। लेकिन उस समय फूलबती ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद हितेश ने आगे बढ़ने का फैसला किया और यामिनी देहारी को शादी का प्रस्ताव दिया। यामिनी ने यह प्रस्ताव सहर्ष स्वीकार कर लिया।
फूलबती ने बाद में दी सहमति, तब बनी अनोखी योजना
जब हितेश और यामिनी की शादी की तैयारियाँ होने लगीं, तब फूलबती ने भी विवाह के लिए अपनी सहमति दे दी।
अब स्थिति यह थी कि हितेश के दोनों प्रेमिकाएँ विवाह के लिए तैयार थीं। ऐसे में तीनों पक्षों और उनके परिवारों ने मिलकर आपसी सहमति से एक अनोखा निर्णय लिया — एक ही मंडप में दोनों से विवाह।
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Chhattisgarh News – कैसे हुआ यह अनोखा विवाह?
Chhattisgarh News की इस अनोखी घटना में विवाह का तरीका भी उतना ही दिलचस्प रहा जितनी कि इसकी कहानी।
दोनों दुल्हनें बारात लेकर पहुंचीं दूल्हे के घर
इस विवाह में एक और खास बात रही — दोनों दुल्हनों के परिवार बारात लेकर दूल्हे हितेश यादव के घर पहुंचे।
यह परंपरागत तरीके से बिल्कुल अलग था, जहाँ आमतौर पर दूल्हे की तरफ से बारात जाती है। यहाँ दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी रीतियों के साथ इस अनोखे अवसर को मनाया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई शादी
विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विधिवत संपन्न कराया गया। दोनों युवतियों के साथ हितेश ने मंडप में बैठकर फेरे लिए और विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं।
गाँव के बुजुर्गों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में यह विवाह संपन्न हुआ। पूरे कार्यक्रम में एक उत्सव जैसा माहौल रहा।
समाज और परिवार की भूमिका – सहमति और सामाजिक सौहार्द
इस विवाह में ओबीसी और आदिवासी समाज के लोगों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
बताया जा रहा है कि पूरे कार्यक्रम में सामाजिक सौहार्द और आपसी सहमति का एक सुखद माहौल देखने को मिला। न कोई विवाद, न कोई विरोध — सब कुछ खुशी और प्रेम के माहौल में संपन्न हुआ।
किसी समाज की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई अब तक
हालांकि यह मामला चर्चा में है, लेकिन अभी तक किसी भी सामाजिक संगठन या समाज की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में सामाजिक और धार्मिक संगठन इस विवाह पर क्या रुख अपनाते हैं।
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Chhattisgarh News – सोशल मीडिया पर वायरल, तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं
Chhattisgarh News की यह खबर अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है। फेसबुक, व्हाट्सऐप और यूट्यूब पर इस शादी की चर्चा जमकर हो रही है।
कुछ लोग इसे प्रेम और सहमति की जीत बता रहे हैं, तो कुछ इस पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं और यह खबर लगातार शेयर हो रही है।
कोंडागांव जैसे छोटे से जिले की यह घटना अब राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।
कानूनी पहलू – क्या है भारत में इस तरह के विवाह की स्थिति?
यह मामला सामाजिक के साथ-साथ कानूनी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
भारतीय कानून क्या कहता है?
भारत में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 (Hindu Marriage Act, 1955) के अनुसार एक पुरुष एक समय में केवल एक पत्नी रख सकता है। द्विविवाह (Bigamy) भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत दंडनीय अपराध है।
हालांकि, कुछ आदिवासी समुदायों में उनके परंपरागत रीति-रिवाजों और कस्टमरी लॉ के तहत अलग प्रावधान हो सकते हैं। लेकिन यह मामला अभी तक किसी कानूनी विवाद का विषय नहीं बना है।
क्या इस मामले में कोई शिकायत दर्ज हुई?
अभी तक इस विवाह को लेकर किसी भी पक्ष द्वारा पुलिस या प्रशासन में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। प्रशासन भी फिलहाल इस मामले पर नज़र रख रहा है।
Chhattisgarh News का यह अनोखा मामला उठाता है कई सवाल
Chhattisgarh News में यह अनोखी शादी एक साथ कई सवाल और भावनाएं लेकर आई है। एक ओर जहाँ यह प्रेम, सहमति और पारिवारिक समझ की अनूठी मिसाल है, वहीं दूसरी ओर यह सामाजिक और कानूनी दृष्टि से गंभीर विचार-विमर्श की मांग करती है।
कोंडागांव के बैलगांव की यह घटना बताती है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण समाज में आज भी ऐसी परिस्थितियाँ और सामाजिक संरचनाएं मौजूद हैं जो मुख्यधारा के समाज को चौंका देती हैं।
Chhattisgarh News पर हम इस मामले की हर नई अपडेट आप तक पहुंचाते रहेंगे — चाहे वह कानूनी हो, सामाजिक हो या प्रशासनिक।
