FCI Paddy Theft का एक चौंकाने वाला मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सामने आया है। धरसींवा क्षेत्र में स्थित एफसीआई गोदाम से धान की बोरियां चोरी होने की घटना ने प्रशासन और किसानों दोनों को हैरान कर दिया।
चोरों ने गोदाम की दीवार में सेंध लगाकर बड़ी मात्रा में धान की बोरियां बाहर निकाल लीं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह चोरी योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। फिलहाल अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है।
FCI Paddy Theft: गोदाम की दीवार तोड़कर की गई चोरी
पुलिस के अनुसार यह FCI Paddy Theft मामला 8 मार्च 2026 को सामने आया। कृषक सेवा सहकारी समिति से जुड़े कौशल साहू ने धरसींवा थाना में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के समर्थन मूल्य खरीदी अभियान के तहत किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा गया था। इस धान को एफसीआई गोदाम धरसींवा में सुरक्षित रखा गया था।
गोदाम में करीब 3500 बोरी धान रखा गया था। हर बोरी में लगभग 40 किलो धान भरा हुआ था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि करीब 60 बोरी धान गायब है।
जांच में सामने आया कि 6 मार्च की रात से 8 मार्च के बीच अज्ञात चोरों ने गोदाम की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने धान की बोरियां बाहर निकालकर चोरी कर लीं।
चोरी किए गए धान का कुल वजन करीब 24 क्विंटल बताया गया है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 74 हजार 400 रुपये है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
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भारत में धान खरीदी प्रणाली के बारे में अधिक जानकारी:
https://en.wikipedia.org/wiki/Food_Corporation_of_India
सूचना के बाद आरोपियों तक पहुंची पुलिस
FCI Paddy Theft मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। ग्राम परसतराई के एक दुकानदार ने पुलिस को सूचना दी कि साबीर खान नाम का युवक अपने साथियों के साथ धान बेचने के लिए उसकी दुकान पर आया था।
इस सूचना के आधार पर पुलिस ने साबीर खान को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की। पूछताछ में उसने चोरी की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।
उसने बताया कि उसने अपने साथियों अमान खान, इरफान खान और एक अन्य युवक के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
आरोपियों के अनुसार 6 मार्च की रात करीब 11 बजे उन्होंने एफसीआई गोदाम की दीवार में छेद किया। इसके बाद वे अंदर घुसे और वहां से 50 से 60 बोरी धान निकालकर चोरी कर ली।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 9 मार्च को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। चौथे आरोपी की तलाश अभी जारी है।
धान खरीदी और भंडारण प्रणाली के बारे में जानकारी:
https://fci.gov.in
Key Facts about FCI Paddy Theft
- धरसींवा स्थित एफसीआई गोदाम से धान चोरी की घटना सामने आई।
- चोरों ने गोदाम की दीवार में सेंध लगाकर अंदर प्रवेश किया।
- करीब 60 बोरी धान चोरी हुआ, जिसकी कीमत लगभग 74,400 रुपये है।
- पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
- मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश अभी जारी है।
प्रतिक्रियाएं
FCI Paddy Theft की इस घटना ने स्थानीय किसानों और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर खरीदा गया धान सरकारी गोदाम में सुरक्षित रहना चाहिए।
अगर गोदाम से चोरी की घटनाएं होंगी, तो इससे किसानों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही गोदामों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि उपज के भंडारण केंद्रों में सुरक्षा मजबूत होना जरूरी है। इससे चोरी जैसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
कुल मिलाकर FCI Paddy Theft का यह मामला सरकारी भंडारण व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उम्मीद है कि इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। साथ ही FCI Paddy Theft जैसे मामलों से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
