IAF Tejas Aircraft Crash: लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ तेजस, पूरी फ्लीट ग्राउंड; तीसरी बड़ी घटना से बढ़ी चिंता

भारतीय वायुसेना (IAF) को एक और झटका लगा है। IAF Tejas Aircraft Crash की ताज़ा घटना में एक तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) नियमित प्रशिक्षण उड़ान के बाद लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे के पीछे किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि राहत की बात यह रही कि पायलट ने समय रहते इजेक्शन किया और सुरक्षित बाहर निकल आया। उसे गंभीर चोट नहीं आई है।


लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा

सूत्रों के मुताबिक, यह IAF Tejas Aircraft Crash इस महीने की शुरुआत में एक अहम एयरबेस पर हुआ। विमान नियमित प्रशिक्षण सॉर्टी से लौट रहा था। लैंडिंग के समय अचानक ऑनबोर्ड सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका सामने आई।

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि तकनीकी सिस्टम में किसी प्रकार की विफलता हुई हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं किया गया है।


पूरी तेजस फ्लीट ग्राउंड, व्यापक जांच शुरू

इस हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने एहतियातन बड़ा कदम उठाया है। लगभग 30 सिंगल-सीट तेजस विमानों की पूरी फ्लीट को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है।

IAF अब हर विमान की गहन तकनीकी जांच कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। रक्षा सूत्रों के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान को गंभीर एयरफ्रेम क्षति पहुंची है और उसे ‘राइट-ऑफ’ किया जा सकता है।


तीसरी बार हादसा, पहले भी हो चुके हैं दो क्रैश

यह IAF Tejas Aircraft Crash तीसरी बड़ी दुर्घटना है, जब से तेजस को वायुसेना में शामिल किया गया है।

  • मार्च 2024 में जैसलमेर के पास एक तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस समय भी पायलट सुरक्षित बच निकला था।
  • नवंबर 2025 में दुबई एयरशो के दौरान तेजस विमान क्रैश हो गया था। उस हादसे में विंग कमांडर नमांश स्याल की मृत्यु हो गई थी। वे इजेक्ट नहीं कर सके थे।
    उस घटना के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने गहरा दुख व्यक्त किया था।

इन घटनाओं ने तेजस कार्यक्रम को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, हालांकि जांच अभी भी जारी है।


तेजस Mk1A कार्यक्रम में देरी

गौरतलब है कि IAF Tejas Aircraft Crash ऐसे समय हुआ है जब तेजस Mk1A कार्यक्रम पहले से ही देरी का सामना कर रहा है।

भारतीय वायुसेना ने 180 Mk1A लड़ाकू विमानों का ऑर्डर दिया है। वहीं पिछले साल रक्षा मंत्रालय ने 62,370 करोड़ रुपये के सौदे के तहत 97 अतिरिक्त तेजस Mk-1A विमान खरीदने का अनुबंध भी किया था।

तेजस Mk-1A एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो एयर डिफेंस, समुद्री निगरानी और स्ट्राइक मिशन में सक्षम है। ऐसे में इसकी विश्वसनीयता बेहद अहम मानी जाती है।


सुरक्षा और विश्वसनीयता पर फोकस

लगातार तीसरी घटना के बाद अब फोकस विमान की तकनीकी मजबूती और ऑपरेशनल सेफ्टी पर है। वायुसेना और संबंधित एजेंसियां हर पहलू की जांच कर रही हैं।

हालांकि पायलट की सुरक्षित वापसी इस बार राहत की खबर है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी कारणों का जल्द और पारदर्शी खुलासा जरूरी है।

IAF Tejas Aircraft Crash की इस घटना ने एक बार फिर देश के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रमों की मजबूती और जवाबदेही पर चर्चा तेज कर दी है।

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