Chhattisgarh Anti Conversion Bill: बजट सत्र में पेश हो सकता है धर्मांतरण विरोधी विधेयक, डिप्टी सीएम विजय शर्मा के संकेत

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर कानून बनाने की कवायद तेज हो गई है। Chhattisgarh Anti Conversion Bill को आगामी बजट सत्र में पेश किया जा सकता है। यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री Vijay Sharma ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में दी।

उन्होंने कहा कि बजट प्रस्तुति की तैयारियां चल रही हैं और धर्मांतरण से जुड़े विधेयक पर भी गंभीर चर्चा हो रही है। सरकार मसौदे पर “गंभीरता से विचार” कर रही है और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अंतिम निर्णय सत्र के दौरान लिया जा सकता है।


क्या प्रस्ताव है मसौदे में?

सूत्रों के अनुसार, Chhattisgarh Anti Conversion Bill के मसौदे में धार्मिक परिवर्तन के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया प्रस्तावित की गई है।

  • धर्म परिवर्तन की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को 60 दिन पहले प्रशासन को सूचना देनी होगी।
  • निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही धर्मांतरण वैध माना जाएगा।
  • जबरन या प्रलोभन देकर कराए गए धर्मांतरण पर कड़ी सजा का प्रावधान प्रस्तावित है।

बताया गया है कि मसौदा तैयार करने से पहले नौ राज्यों के कानूनों का अध्ययन किया गया है।


क्यों लाया जा रहा है विधेयक?

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि Chhattisgarh Anti Conversion Bill का उद्देश्य विवादों को रोकना और संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बनाए रखना है। खासकर बस्तर जैसे आदिवासी जिलों में हाल के वर्षों में धर्मांतरण को लेकर तनाव की घटनाएं सामने आई हैं।

सरकार का तर्क है कि एक स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया होने से प्रशासन सहमति और वैधता की जांच कर सकेगा। साथ ही, किसी भी तरह के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।


अभी क्या स्थिति है?

फिलहाल छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की पुष्टि और वैधता के लिए कोई स्पष्ट और कानूनी रूप से परिभाषित प्रक्रिया नहीं है। ऐसे में Chhattisgarh Anti Conversion Bill के जरिए इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने की तैयारी की जा रही है।

हालांकि, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि सरकार अभी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। विधेयक को बजट सत्र में पेश करने का अंतिम निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।


सियासी और सामाजिक असर

धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कानून लाने की पहल से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो सकती है। एक ओर सरकार इसे कानून-व्यवस्था और पारदर्शिता से जोड़ रही है, वहीं विपक्षी दल इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नजरिए से देख सकते हैं।

ऐसे में Chhattisgarh Anti Conversion Bill पर बजट सत्र के दौरान व्यापक बहस होने की संभावना है।


छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तावित Chhattisgarh Anti Conversion Bill राज्य की राजनीति और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकता है। 60 दिन पूर्व सूचना और कड़े दंड प्रावधान जैसे प्रस्ताव इसे सख्त कानून की दिशा में ले जाते हैं।

अब सबकी नजर आगामी बजट सत्र पर टिकी है, जहां यह स्पष्ट होगा कि विधेयक सदन में पेश होता है या नहीं।

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