अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक अहम US India Trade Deal Update सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा व्यापक टैरिफ आदेश को निरस्त करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्पष्ट किया है कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ हमारा रिश्ता शानदार है और हम व्यापार जारी रखे हुए हैं। इंडिया डील ऑन है।”
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर
Supreme Court of the United States ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय आपात आर्थिक शक्तियों अधिनियम (IEEPA) के तहत लगाए गए व्यापक टैरिफ को खारिज कर दिया।
इस फैसले के बाद पहले जारी 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को हटाया गया था। व्यापार समझौते के तहत इसे 25% से घटाकर 18% करने का निर्णय लिया गया था।
हालांकि, नए US India Trade Deal Update के अनुसार व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि भारत पर टैरिफ अस्थायी रूप से 10% रहेगा।
10% टैरिफ क्यों और कैसे?
व्हाइट हाउस के अनुसार, यह नया 10% वैश्विक टैरिफ सेक्शन 122 के तहत लागू किया गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह 10% टैरिफ पहले से लागू IEEPA आधारित शुल्क के अतिरिक्त नहीं है, बल्कि उसकी जगह ले रहा है।
इसका मतलब है कि फिलहाल भारत पर लागू टैरिफ दर 10% होगी। यह निर्णय कानूनी बाधाओं और वैकल्पिक वैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने भी इस US India Trade Deal Update पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने नई दिल्ली में मीडिया को बताया कि दोनों देश पारस्परिक लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमेरिका का दौरा करेगा।
व्यापार संबंधों का भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी 10% टैरिफ दर दोनों देशों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। ऐसे में US India Trade Deal Update संकेत देता है कि दोनों देश किसी स्थायी और दीर्घकालिक समझौते की ओर बढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया यह US India Trade Deal Update भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ता है।
जहां एक ओर कानूनी चुनौतियों के कारण टैरिफ संरचना बदली है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि व्यापारिक सहयोग जारी रहेगा।
अब नजर अगले सप्ताह होने वाली वार्ता पर है, जो इस समझौते को अंतिम रूप दे सकती है।
