23 फरवरी से तीन दिन की बैठक, मार्च में हस्ताक्षर और अप्रैल से लागू होने की संभावना

भारत और अमेरिका के बीच India US Interim Trade Agreement को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के अधिकारियों की तीन दिन की अहम बैठक शुरू होगी, जिसमें प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

संभावना है कि यह समझौता मार्च में हस्ताक्षरित होगा और अप्रैल से लागू कर दिया जाएगा।


कानूनी मसौदे पर होगी चर्चा

हाल ही में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क तय करने की घोषणा की थी। अब उसी ढांचे को औपचारिक कानूनी दस्तावेज में बदला जा रहा है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन करेंगे।


टैरिफ में राहत और व्यापार को बढ़ावा

India US Interim Trade Agreement के तहत दोनों देश कई उत्पादों पर ड्यूटी में रियायत देंगे।

अमेरिका ने घोषणा की है कि वह भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। साथ ही, रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ को पहले ही हटा दिया गया है।

यह कदम दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती दे सकता है।


मार्च में हस्ताक्षर, अप्रैल से लागू

पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि India US Interim Trade Agreement पर मार्च में हस्ताक्षर होने की संभावना है और इसे अप्रैल से लागू किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत के यूके और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते अप्रैल में लागू हो सकते हैं, जबकि न्यूजीलैंड के साथ समझौता सितंबर में प्रभावी होने की उम्मीद है।


अमेरिका की सकारात्मक प्रतिक्रिया

अलग से, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो आने वाले महीनों में भारत का दौरा करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जल्द ही साकार होने की दिशा में है।

साथ ही, उन्होंने क्वाड गठबंधन को सदस्य देशों के बीच सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया और कहा कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंधों को अगले स्तर तक ले जा रहे हैं।


रणनीतिक और आर्थिक महत्व

India US Interim Trade Agreement केवल टैरिफ कटौती तक सीमित नहीं है। यह समझौता वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, निवेश प्रवाह और रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा दे सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कदम से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में स्थिरता और पारदर्शिता बढ़ेगी।


23 फरवरी से शुरू होने वाली बैठक इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है। यदि सब कुछ तय समय पर होता है, तो India US Interim Trade Agreement मार्च में हस्ताक्षरित होकर अप्रैल से लागू हो जाएगा।

यह समझौता न केवल व्यापार को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों को भी नई ऊंचाई पर ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।

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