राजिम। छत्तीसगढ़ के प्रयाग कहे जाने वाले पावन राजिम में आयोजित Rajim Kumbh Kalp 2026 इस वर्ष आस्था, संस्कृति और अध्यात्म का अनुपम संगम बनकर उभरा है। त्रिवेणी संगम के पवित्र तट पर जैसे ही संध्या ढली, वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो उठा। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की आस्था ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
Rajim Kumbh Kalp 2026 के तहत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में सुप्रसिद्ध अभिनेता अरुण गोविल ने “सुनो श्री राम कहानी” की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भगवान श्रीराम की भूमिका से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाले अरुण गोविल को मंच पर देखकर श्रद्धालुओं की आंखें भावविभोर हो उठीं।
उनकी ओजपूर्ण वाणी और रामकथा के मार्मिक प्रसंगों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। ऐसा लगा मानो त्रिवेणी तट पर स्वयं रामकथा जीवंत हो उठी हो। हर शब्द के साथ श्रद्धालुओं की आस्था और गहरी होती गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की आयोजन की सराहना
इस अवसर पर विष्णु देव साय से अरुण गोविल ने आत्मीय भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि Rajim Kumbh Kalp 2026 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उत्सव है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार आस्था, संस्कृति और पर्यटन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे भव्य आयोजनों से छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त हो रही है।
सांस्कृतिक विरासत को मिल रही राष्ट्रीय पहचान
Rajim Kumbh Kalp 2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिल रही है। यह आयोजन धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश की आध्यात्मिक धरोहर को देशभर में स्थापित कर रहा है।
कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक रोहित साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आस्था और पर्यटन का सशक्त संगम
गौरतलब है कि Rajim Kumbh Kalp 2026 अब केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख आधार बन चुका है। त्रिवेणी संगम की पावन धरा पर उमड़ी श्रद्धा की यह लहर प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक उत्थान की नई कहानी लिख रही है।
निस्संदेह, Rajim Kumbh Kalp 2026 ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि जब आस्था और संस्कृति का संगम होता है, तब वह जनमानस में स्थायी छाप छोड़ जाता है।
