बिहार विधानसभा में MLA मैथिली ठाकुर ने अपनी ही सरकार को घेरा, जर्जर अस्पताल भवनों पर स्वास्थ्य मंत्री से तीखे सवाल

पटना।

Maithili Thakur question: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति सुर्खियों में आ गई। इस बार यह मुद्दा उठाया अलीनगर से भाजपा विधायक और लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने, जिन्होंने अपनी ही पार्टी के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से जर्जर अस्पताल भवनों को लेकर तीखे सवाल पूछे।

विधायक के सवालों और मंत्री के जवाब के बीच हुई इस बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे जमीनी मुद्दों पर बेबाक राजनीति का उदाहरण बता रहे हैं।


🏥 “अस्पताल कभी भी ढह सकता है” – मैथिली ठाकुर

प्रश्नकाल के दौरान मैथिली ठाकुर ने अपने विधानसभा क्षेत्र अलीनगर के सरकारी अस्पताल की हालत का जिक्र करते हुए कहा कि—

“अस्पताल की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।”

उन्होंने बताया कि अस्पताल की छत से लगातार प्लास्टर गिरता है, दीवारों में गहरी दरारें हैं और बरसात के दिनों में वार्डों में पानी टपकता है। इसके बावजूद उसी भवन में मरीजों का इलाज किया जा रहा है, गर्भवती महिलाओं को भर्ती किया जाता है और बच्चों को रखा जाता है, जो सीधे तौर पर लोगों की जान के लिए खतरा है।


मंत्री के जवाब से असंतुष्ट दिखीं MLA

स्वास्थ्य मंत्री के प्रारंभिक जवाब से असंतुष्ट होकर मैथिली ठाकुर ने दोबारा हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा—

“लिखित जवाब में कहा गया है कि भवन जर्जर नहीं है, केवल मरम्मत की जरूरत है। लेकिन मैंने खुद जाकर देखा है, हालात बेहद खराब हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल में कोई MBBS डॉक्टर तैनात नहीं है, जबकि पहले दो डॉक्टर हुआ करते थे। स्वास्थ्य सेवाएं एक छोटे से कमरे में चलाई जा रही हैं, जो चिंताजनक है।


💰 बजट बढ़ रहा है, फिर भवन क्यों जर्जर?

MLA मैथिली ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब सरकार हर साल स्वास्थ्य बजट बढ़ा रही है, तो फिर अस्पतालों की इमारतें इस हाल में क्यों हैं।
उन्होंने सदन से पूछा—

“क्या सरकार किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है, तब जाकर नए भवन बनाए जाएंगे?”


🗣️ “यह सवाल नहीं, जनता की अपील है”

मैथिली ठाकुर ने स्पष्ट किया कि वह मंत्री पर आरोप नहीं लगा रहीं, बल्कि जनता के हित में समाधान चाहती हैं। उन्होंने कहा कि वे बचपन से मंगल पांडेय को स्वास्थ्य मंत्री के रूप में काम करते देखती आई हैं और चाहती हैं कि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकले।


🏗️ स्वास्थ्य मंत्री का जवाब

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि सरकार अस्पताल भवनों की स्थिति को लेकर गंभीर है। कई अस्पतालों के लिए नए भवन स्वीकृत किए गए हैं और कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अत्यधिक जर्जर भवनों की पहचान कर उन्हें चरणबद्ध तरीके से मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए शामिल किया गया है।


🔁 “सिर्फ योजनाएं, जमीन पर कुछ नहीं” – MLA

मंत्री के जवाब के तुरंत बाद मैथिली ठाकुर ने फिर सवाल उठाया और कहा कि उनका क्षेत्र वर्षों से सूची में है, लेकिन आज तक न मरम्मत हुई और न नया भवन बना
उन्होंने कहा कि हर साल केवल योजनाओं और स्वीकृतियों की बात होती है, जबकि जमीनी हकीकत जस की तस बनी हुई है।


सदन में बढ़ा तनाव, स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप

लगातार सवाल-जवाब के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया। विपक्षी विधायकों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया, जबकि सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य असहज नजर आए।
स्थिति को संभालने के लिए स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।


🌐 सोशल मीडिया पर सराहना

जैसे ही बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, लोगों ने मैथिली ठाकुर की जमकर सराहना की। कई यूजर्स ने लिखा कि

“यह सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देशभर की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की सच्चाई है।”

लोगों को उम्मीद है कि बजट सत्र में यह मुद्दा उठने से सरकारी अस्पतालों की हालत सुधारने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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