रायपुर।
Naxalism deadline extension: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही निर्णायक लड़ाई को लेकर एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हालिया बयान ने इस बहस को जन्म दिया है कि क्या केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने की रणनीतिक समय-सीमा में बदलाव किया है।
🕒 मार्च 2026 से दिसंबर 2026 तक?
सोमवार को बस्तर पंडुम 2026 कार्यक्रम से लौटने के बाद रायपुर हेलिपैड पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा—
“प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का संकल्प है कि पूरे देश से 31 दिसंबर 2026 तक नक्सलवाद का समूल नाश किया जाएगा। यह संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।”
मुख्यमंत्री के इस बयान ने इसलिए ध्यान खींचा, क्योंकि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई मंचों से स्पष्ट कर चुके हैं कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
🤔 क्या बदली रणनीति?
मुख्यमंत्री द्वारा अचानक दिसंबर 2026 की समय-सीमा का उल्लेख किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या सरकार ने नक्सल उन्मूलन की रणनीति में 9 महीने का विस्तार किया है, या यह केवल प्रशासनिक समन्वय का बयान था।
🎤 अमित शाह का बस्तर से संदेश
गौरतलब है कि सोमवार को जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ के समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि थे। मंच पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद थे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने कहा—
“हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि विकास को रोकने वालों से है।”
उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि यह अब तक की सबसे आकर्षक योजनाओं में से एक है।
💔 निर्दोषों पर हिंसा की पीड़ा
अमित शाह ने नक्सली हिंसा के मानवीय पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि सड़क, खेत और पगडंडियों में लगाए गए IEDs का शिकार अक्सर निर्दोष आदिवासी भाई-बहन बनते हैं।
उन्होंने कहा कि एक विस्फोट किसी मासूम बच्ची की जान ले सकता है या किसी परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है।
🫡 सुरक्षाबलों को सलाम
केंद्रीय गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस, CRPF, ITBP और BSF के जवानों की सराहना की और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों के परिवारों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री के बयान ने भले ही समय-सीमा को लेकर अटकलें बढ़ा दी हों, लेकिन सरकार का स्पष्ट संदेश है—
👉 नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक चरण में है
👉 विकास और शांति ही अंतिम लक्ष्य है
अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देती है या नहीं।
