मुरैना में दर्दनाक हादसा: अष्टमी पूजा के दौरान मंदिर का गुंबद गिरा, तीन बच्चियों की मौत, गांव में मातम

अष्टमी की पूजा मातम में बदली, मंदिर हादसे ने झकझोरा मुरैना

Morena Temple Accident।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में अष्टमी के पावन दिन एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया। कैलारस थाना क्षेत्र के एहरोली गांव स्थित चामड़ माता मंदिर में पूजा और प्रसाद वितरण के दौरान निर्माणाधीन गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति-पत्नी समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।


प्रसाद ग्रहण कर रहीं बच्चियां बनीं हादसे का शिकार

घटना के समय मंदिर परिसर में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे थे।
इसी दौरान गुंबद की एक पटिया टूट गई, और कुछ ही पलों में पूरा गुंबद नीचे आ गिरा।
गिरते ही पत्थर और भारी मलबा वहां मौजूद लोगों पर आ पड़ा।

मलबे की चपेट में आकर तीन बच्चियां दब गईं। ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। तीनों बच्चियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


गांव में मचा कोहराम, हर आंख नम

हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई
कुछ ही देर में पूरे गांव में यह खबर फैल गई और एहरोली गांव मातम में डूब गया
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है।


पति-पत्नी समेत पांच लोग घायल

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, मुंगावली निवासी सतीश गौड़ अष्टमी पूजा के लिए अपनी पत्नी और बच्ची के साथ अपने गृहग्राम एहरोली आए थे।
प्रसाद वितरण के दौरान हुए इस हादसे में—

  • सतीश गौड़
  • उनकी पत्नी
  • और कुल पांच बच्चियां घायल हो गईं

दो बच्चियों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।


ग्रामीण बने सबसे पहले मददगार

Morena Temple Accident के तुरंत बाद ग्रामीणों ने ही सबसे पहले राहत-बचाव का मोर्चा संभाला
उन्होंने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और तुरंत पुलिस-प्रशासन को सूचना दी।

ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को कैलारस चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।


एक बच्ची ग्वालियर रेफर, पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपे गए

कैलारस अस्पताल में दो बच्चियों का इलाज सामान्य रूप से चल रहा है।
वहीं, सतीश और उनकी पत्नी सहित गंभीर घायलों को मुरैना रेफर किया गया।

एक गंभीर रूप से घायल बच्ची की हालत को देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर किया गया है।
मृतक तीनों बच्चियों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।


मौके पर पहुंचे विधायक, जांच की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय विधायक पंकज उपाध्याय मौके पर पहुंचे।
उन्होंने हालात का जायजा लिया और डॉक्टरों से घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने प्रशासन से कहा कि—

“यह बेहद गंभीर घटना है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।”


लापरवाही ने ली मासूम जिंदगियां

यह हादसा एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि निर्माणाधीन धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
तीन मासूम बच्चियों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और गांव में अभी भी शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है