फेयरवेल या सड़क पर खतरा? छत्तीसगढ़ में 12वीं छात्रों के खतरनाक स्टंट वायरल, पुलिस ने दर्ज किए केस

रायपुर।

farewell stunt viral videos: जो पल आंखों में नमी और यादों की गर्माहट लेकर आता है, वही अब सड़क पर डरावने तमाशे में बदलता दिख रहा है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और बलौदाबाजार से सामने आए वायरल वीडियो में कक्षा 12वीं के छात्र फेयरवेल पार्टी में फूलों और गले मिलने के बजाय ट्रैक्टर, वैन और कारों पर खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं।


सार्वजनिक सड़कों पर खुलेआम नियमों की अनदेखी

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में छात्र:

  • चलती गाड़ियों की खिड़कियों से आधे बाहर लटके
  • बोनट पर बैठे
  • बिना सुरक्षा के ट्रैक्टर पर सवार

काटगी से शुरू हुआ ट्रेंड, कसडोल और छेछर तक पहुंचा

अधिकारियों के मुताबिक, यह कोई एक घटना नहीं है।
बलौदाबाजार जिले के काटगी, कसडोल और छेछर गांव से सामने आए वीडियो इस बात की गवाही देते हैं कि फेयरवेल अब इंस्टाग्राम रील्स और ऑनलाइन शो-ऑफ का मंच बनता जा रहा है।

काटगी की एक सरकारी स्कूल की फेयरवेल में:

  • ₹15–20 लाख कीमत की लग्जरी गाड़ियां
  • कुछ किराए पर, कुछ परिवारों की
  • छात्र चलती गाड़ियों पर खड़े होकर वीडियो बनाते दिखे

वीडियो वायरल हुए और साथ ही जन आक्रोश भी।


पुलिस की कार्रवाई: 26 ड्राइवरों पर केस

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया:

“लापरवाह ड्राइविंग के मामले में 26 ड्राइवरों पर चार केस दर्ज किए गए हैं।”

इनमें:

  • 16 बालिग छात्र
  • सभी पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184
  • कोर्ट में पेशी और जुर्माना
  • वाहन मालिकों पर भी कार्रवाई

की गई।


हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद नहीं सुधरे हालात

यह सब तब हो रहा है, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट ड्राइविंग पर स्वतः संज्ञान ले चुका है।

जनवरी 2026 में:

  • कोरबा के बालको क्षेत्र
  • होटल महाराजा, टीपी नगर में फेयरवेल
  • तीन काली स्कॉर्पियो एसयूवी
  • छात्र-छात्राएं खिड़कियों से बाहर लटककर रील बनाते नजर आए

ये वीडियो पंजाबी म्यूजिक के साथ इंस्टाग्राम पर डाले गए। बाद में पुलिस ने नंबर प्लेट ट्रेस कर सख्त कार्रवाई की।


जश्न और जान के बीच खतरनाक दूरी

अधिकारियों का कहना है कि:

  • यह ट्रेंड छात्रों, राहगीरों और ड्राइवरों—सभी की जान के लिए खतरा है
  • सड़क कोई निजी मंच नहीं है
  • फेयरवेल यादगार होना चाहिए, घातक नहीं

अभिभावकों और स्कूलों की भी जिम्मेदारी

विशेषज्ञ मानते हैं कि:

  • स्कूल प्रबंधन
  • अभिभावक
  • और समाज

को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि फेयरवेल का जश्न सुरक्षित और गरिमामय रहे, न कि वायरल वीडियो की होड़ में जान जोखिम में डाली जाए।

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