बस्तर में नक्सलवाद को बड़ा झटका: सुकमा और बीजापुर में 51 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, ₹1.61 करोड़ का इनाम था घोषित

बस्तर।

Naxalites surrender News: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक और बड़ी कामयाबी मिली है। 7 फरवरी 2026 को सुकमा और बीजापुर जिलों में कुल 51 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ दिया। इन नक्सलियों पर कुल ₹1.61 करोड़ का इनाम घोषित था।

यह आत्मसमर्पण केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त “पुना मार्गम – पुनर्वास से नवजीवन” नीति के तहत हुआ, जिसे नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।


सुकमा में 21 नक्सलियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

सुकमा जिले में 21 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। यह कार्यक्रम

  • आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी.
  • और सुकमा एसपी किरण चव्हाण

की मौजूदगी में हुआ।

इस दौरान नक्सलियों ने तिरंगा और संविधान थामकर मुख्यधारा में लौटने की घोषणा की। आईजी सुंदरराज ने कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि
👉 नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है।


₹76 लाख इनामी नक्सली, तीन डीसीएम भी शामिल

सुकमा में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली

  • दरभा डिवीजन
  • दक्षिण बस्तर डिवीजन
  • और ओडिशा के केकेबीएन (Kalahandi–Kandhamal–Boudh–Nayagarh) डिवीजन

से जुड़े थे।

इनमें शामिल थे:

  • 3 डिविजनल कमेटी मेंबर (DCM) – प्रत्येक पर ₹8 लाख इनाम
  • 5 एरिया कमेटी मेंबर (ACM) – प्रत्येक पर ₹5 लाख इनाम

कुल ₹76 लाख का इनाम, जिसमें 14 महिलाएं भी शामिल थीं।


हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा सौंपा

आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार जमा किए, जिनमें शामिल हैं:

  • 3 AK-47 राइफल, 120 राउंड
  • 2 SLR राइफल, 40 राउंड
  • 1 INSAS राइफल
  • 3 बीजीएल, 20 राउंड
  • जिलेटिन स्टिक, डेटोनेटर और कॉर्डेक्स वायर

बीजापुर में 30 नक्सलियों का सरेंडर, 20 महिलाएं शामिल

बीजापुर जिले में 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। ये सभी दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो से जुड़े थे।
इस समूह में:

  • 20 महिलाएं और 10 पुरुष
  • कुल घोषित इनाम: ₹85 लाख

यह आत्मसमर्पण राष्ट्रपति के बस्तर दौरे के दौरान हुआ, जिसे शांति और विश्वास की ओर बढ़ते कदम के रूप में देखा जा रहा है।


पुना मार्गम नीति के तहत मिलेगा नया जीवन

सरकार की नीति के तहत:

  • प्रत्येक आत्मसमर्पित नक्सली को ₹50,000 की तात्कालिक सहायता
  • आगे पुनर्वास, कानूनी सहायता और कौशल विकास

की प्रक्रिया शुरू की गई है। बीजापुर में नक्सलियों ने 50 जिलेटिन स्टिक और कॉर्डेक्स वायर भी सौंपे।


आंकड़े बताते हैं नक्सलवाद की कमजोर होती पकड़

पुलिस आंकड़ों के अनुसार:

  • जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर में
    • 918 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण
    • 1,163 गिरफ्तार
    • 232 मुठभेड़ों में ढेर

इन अभियानों में DRG, STF, CoBRA, CRPF और जिला पुलिस की अहम भूमिका रही।


मुख्यमंत्री का बयान: शांति और विकास की ओर बस्तर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि

“यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की दिशा में एक और मजबूत कदम है।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा।