रायपुर।
Amit Shah visit Chhattisgarh: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे। इस दौरान वे राज्य में वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खिलाफ चल रहे अभियानों की गहन समीक्षा करेंगे और बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में भी शामिल होंगे।
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का स्पष्ट लक्ष्य तय किया है।
LWE पर आज होगी 6 घंटे की हाई-लेवल मैराथन बैठक
रविवार को गृह मंत्री अमित शाह सुबह 11 बजे से करीब छह घंटे तक चलने वाली उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
इस बैठक में:
- नक्सल प्रभावित राज्यों के अपर मुख्य सचिव (गृह)
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड के पुलिस महानिदेशक
- CRPF के शीर्ष कमांडर
- वरिष्ठ खुफिया अधिकारी
शामिल होंगे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य है—
👉 बचे हुए नक्सली नेटवर्क पर अंतिम दबाव
👉 अंतर-राज्य समन्वय और इंटेलिजेंस शेयरिंग
👉 सीमा और घने जंगलों में सुरक्षा बलों की तैनाती
अब छोटे-छोटे समूहों में सिमट गए हैं नक्सली
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, फिलहाल 150 से अधिक नक्सली कैडर अभी भी जंगलों में छिपे हुए हैं।
हालाँकि, उनकी रणनीति अब पूरी तरह बदल चुकी है।
- पहले जहां 20–40 नक्सलियों के दल सक्रिय रहते थे
- अब वे 4–5 के छोटे समूहों में बंट चुके हैं
कई नक्सली वर्दी और हथियार छोड़कर गांवों में मजदूर या किसान बनकर रह रहे हैं, जिससे खुफिया जानकारी जुटाना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ओडिशा से विस्फोटक लाने की साजिश नाकाम
बैठक में हालिया इनपुट्स पर भी चर्चा होगी।
हाल ही में सुरक्षा बलों ने ओडिशा के जयपुर से बीजापुर की ओर ले जाए जा रहे विस्फोटकों को समय रहते पकड़ लिया।
जब्त सामग्री में शामिल थे:
- करीब 4,000 कॉर्डेक्स वायर
- जेलाटिन स्टिक
इनका इस्तेमाल करेगुट्टा पहाड़ियों और दक्षिण बस्तर में IED लगाने के लिए किया जाना था।
अमित शाह का सख्त संदेश: अंतिम समय तक सतर्क रहें
अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों को साफ निर्देश दिए हैं कि
“नक्सली नेटवर्क कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाए।”
उन्होंने कहा कि ऑपरेशनल इंटेंसिटी अंतिम क्षण तक बनी रहनी चाहिए।
LWE क्षेत्रों के लिए 20% ज्यादा बजट
यह समीक्षा बैठक ऐसे समय हो रही है, जब केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए 20% अतिरिक्त वित्तीय सहायता मंजूर की है।
- कुल बजट: ₹30,000 करोड़ से अधिक
- फोकस:
- अंतिम छोर तक योजनाओं की डिलीवरी
- सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार
- पहले दुर्गम रहे इलाकों में विकास
बस्तर पंडुम 2026 में होंगे मुख्य अतिथि
सोमवार को अमित शाह जगदलपुर जाएंगे, जहां वे बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इसके बाद वे सोमवार शाम को दिल्ली लौटेंगे।
