दुर्ग में फर्जी लूट की साजिश का पर्दाफाश
Durg Fake Robbery Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बीमा क्लेम पाने के लालच में एक ज्वेलरी दुकान संचालक ने खुद ही फर्जी लूट की कहानी गढ़ डाली। पुलिस की सख्त जांच और पूछताछ में सारा मामला उजागर हो गया।
लूट की झूठी रिपोर्ट से पुलिस में मचा हड़कंप
यह मामला कुम्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम कुगदा स्थित सार्थक होम के पास का है। ग्राम कुगदा निवासी नितेश देवांगन, जो सर्राफा व्यवसाय से जुड़ा है, ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार की नोक पर उससे सोने के जेवरात लूट लिए।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
CCTV खंगाले, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, संदिग्धों के हुलिए के आधार पर जांच की, लेकिन कहीं से भी लूट की पुष्टि नहीं हो सकी। जब किसी भी दिशा में सबूत नहीं मिले, तो पुलिस को संदेह हुआ।
कड़ाई से पूछताछ में टूटी आरोपी की कहानी
पुलिस द्वारा कड़ाई से पूछताछ किए जाने पर नितेश देवांगन टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने खुद ही लूट की झूठी कहानी बनाई थी। आरोपी ने बताया कि वह बीमा और मुआवजे की राशि पाने के इरादे से यह साजिश रच रहा था।
तीन तोला सोना बरामद, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी के पास से तीन तोला सोना बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद ज्वेलरी कारोबारी नितेश देवांगन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
थाना प्रभारी ने दी पूरी जानकारी
कुम्हारी थाना प्रभारी पुरुषोत्तम कुर्रे ने बताया कि प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने पूरी गंभीरता से जांच की। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब कोई तथ्य सामने नहीं आया, तब सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने फर्जी लूट की साजिश कबूल कर ली।
पुलिस की सतर्कता से उजागर हुई सच्चाई
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के सामने झूठ ज्यादा देर तक टिक नहीं पाता। वहीं, इस घटना ने बीमा क्लेम के लिए फर्जी मामलों की प्रवृत्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
