चाय बागानों के छत्तीसगढ़ी मतदाताओं पर BJP–Congress की नजर, अरुण साव और भूपेश बघेल मैदान में

चुनावी बिसात पर छत्तीसगढ़ की एंट्री

Assam Assembly Election 2026: असम विधानसभा चुनाव 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है,
राजनीतिक दलों की रणनीति भी साफ होने लगी है।
इस बार BJP और कांग्रेस, दोनों की नजर
चाय बागानों में काम करने वाले छत्तीसगढ़ मूल के मतदाताओं पर टिकी है।

ये वही वर्ग है, जो दशकों पहले रोज़गार की तलाश में असम पहुंचा
और आज कई विधानसभा सीटों पर
हार-जीत का समीकरण तय करता है


🍃 चाय बागानों में बसती है चुनाव की ताकत

असम के चाय बागानों में काम करने वाले
लाखों श्रमिकों की जड़ें छत्तीसगढ़ से जुड़ी हैं।
समय के साथ ये प्रवासी श्रमिक
अब स्थानीय मतदाता बन चुके हैं
और कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

इसी वजह से
Assam Assembly Election 2026 Chhattisgarhi voters
इस चुनाव का सबसे अहम फैक्टर बनकर उभरे हैं।


🧡 BJP ने अरुण साव पर जताया भरोसा

बीजेपी ने चुनावी तैयारी तेज करते हुए
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव को
असम की 9 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपी है।

इन सीटों पर—

  • छत्तीसगढ़ मूल के मतदाता प्रभावी माने जाते हैं
  • अरुण साव विधानसभावार संगठनात्मक बैठकें करेंगे
  • स्थानीय कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बनाएंगे

ओबीसी वर्ग के बड़े नेता और कुशल रणनीतिकार माने जाने वाले
अरुण साव का असम प्रवास
चुनाव संपन्न होने तक लगातार बना रहेगा।

बीजेपी का मानना है कि
छत्तीसगढ़ी श्रमिकों से सीधा जुड़ाव
पार्टी को निर्णायक बढ़त दिला सकता है।


✋ कांग्रेस ने भूपेश बघेल पर खेला दांव

कांग्रेस भी इस सियासी जंग में पीछे नहीं है।
पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को
असम विधानसभा चुनाव के लिए
सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।

भूपेश बघेल—

  • पहले ही असम का दौरा कर चुके हैं
  • जमीनी फीडबैक ले चुके हैं
  • छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान और किसान नेता की छवि के साथ
    मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे

उनके साथ—

  • विकास उपाध्याय को 50 विधानसभा सीटों का प्रभार
  • चार से पांच अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है

कांग्रेस को उम्मीद है कि
अनुभवी नेताओं की टीम
चुनावी रणनीति को धार देगी।


⚔️ छत्तीसगढ़ी पहचान बनी सियासी हथियार

इस चुनाव में—

  • BJP संगठन और प्रशासनिक पकड़ पर जोर दे रही है
  • कांग्रेस भावनात्मक जुड़ाव और सामाजिक पहचान को आगे कर रही है

आने वाले दिनों में
दोनों दल और भी वरिष्ठ नेताओं व मंत्रियों को
असम के चुनावी समर में उतार सकते हैं।


🔎 निष्कर्ष

Assam Assembly Election 2026 Chhattisgarhi voters
अब केवल एक सामाजिक समूह नहीं,
बल्कि असम की राजनीति की
किंगमेकर ताकत बन चुके हैं।

ऐसे में असम चुनाव
सिर्फ स्थानीय नहीं,
बल्कि छत्तीसगढ़ के दिग्गज नेताओं की
राजनीतिक प्रतिष्ठा की भी परीक्षा बनता जा रहा है।

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