सत्ता के दबाव में पुलिस कार्रवाई का आरोप, धारा 307 जोड़ने को लेकर परिजनों ने थाने का किया घेराव

Police action under political pressure: बढ़ता विवाद

रायपुर जिले के मांढरधरसीवां जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत टेकारी में मड़ाई मेला के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक रंग ले लिया है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सत्ता के दबाव में काम करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


सरपंच पर हमले के मामले में गिरफ्तारी, परिजनों का विरोध

सरपंच चंद्रकांत वर्मा और उनके साथियों पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हालांकि, आरोपियों के परिजन और समर्थक इस कार्रवाई से असंतुष्ट नजर आए और उन्होंने विधानसभा थाने का घेराव कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


“हमारी सुनवाई नहीं हुई” – परिजनों का आरोप

प्रदर्शन कर रहे परिजनों का कहना है कि वे रात 11 बजे तक थाने में डटे रहे, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई।
उनका आरोप है कि:

  • सरपंच और उनके साथियों ने थाने के बाहर गजेंद्र वर्मा और दिलेंद्र निषाद के साथ मारपीट की
  • इस पूरी घटना का CCTV फुटेज थाना परिसर में मौजूद है
  • इसके बावजूद पुलिस फुटेज देने से इनकार कर रही है और साक्ष्य को नजरअंदाज किया जा रहा है

नेटवर्क समस्या का हवाला, FIR दर्ज नहीं करने का दावा

परिजनों का यह भी कहना है कि रात के समय नेटवर्क की समस्या का बहाना बनाकर FIR दर्ज नहीं की गई
इसी कारण उन्हें मजबूरन थाने का घेराव करना पड़ा, ताकि न्याय की मांग प्रशासन तक पहुंचे


धारा 307 जोड़ने पर सवाल

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गंभीर धारा जोड़ दी गई, जबकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां ऐसी नहीं थीं
इतना ही नहीं, उनका दावा है कि:

  • जिन लोगों का इस झड़प से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था, उन्हें भी
  • पुरानी रंजिश के चलते नामजद कर जेल भेज दिया गया

CCTV फुटेज में सच्चाई, फिर भी अनदेखी का आरोप

दूसरे पक्ष के अनुसार, झड़प की शुरुआत सरपंच द्वारा बुलाए गए लोगों ने की थी और स्वयं सरपंच ने भी मारपीट की।
यह पूरी घटना थाना परिसर के सामने हुई, जिसका CCTV फुटेज उपलब्ध है
आरोप है कि सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग कर दबाव बनाया, जिससे एकतरफा कार्रवाई की गई।


न्याय नहीं मिला तो CM हाउस घेराव की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि उन्हें निष्पक्ष जांच और न्याय नहीं मिला, तो वे मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे।


Police action under political pressure: जांच की मांग तेज

कुल मिलाकर, Police action under political pressure in Raipur का यह मामला अब केवल एक स्थानीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई और साक्ष्यों की अनदेखी जैसे गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता दिखाता है।

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