Durg Attempt to Murder Case: पत्नी पर हसिया से जानलेवा हमला, सत्र न्यायालय ने पति को सुनाई 7 साल की सजा

Durg Attempt to Murder Case: घरेलू विवाद से हत्या की कोशिश तक

Durg Attempt to Murder Case में दुर्ग सत्र न्यायालय ने एक अहम और सख्त फैसला सुनाया है। पत्नी पर जानलेवा हमला करने के मामले में पति को दोषी ठहराते हुए अदालत ने 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

यह फैसला तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, दुर्ग श्री यशवंत कुमार सारथी की अदालत ने 16 दिसंबर 2025 को सुनाया।


क्या है पूरा मामला?

इस मामले में आरोपी चंदूलाल साहू (32 वर्ष), निवासी ग्राम उरला, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग है।
पीड़िता उसकी पत्नी हेमलता साहू हैं, जिनसे उसकी शादी लगभग छह साल पहले हुई थी।

लॉकडाउन के दौरान घरेलू विवाद और मारपीट के चलते हेमलता अपने भाई के घर ग्राम दुंदेरा में रह रही थीं। पहले भी पुलिस (डायल 112) द्वारा समझाइश दी जा चुकी थी।


31 जनवरी 2021 की रात क्या हुआ?

Durg Attempt to Murder Case के अनुसार,
👉 31 जनवरी 2021 की रात करीब 9–10 बजे, आरोपी घर आया।
👉 पत्नी द्वारा चरित्र पर झूठे आरोप लगाने की बात कहने पर विवाद हुआ।
👉 आरोपी ने कमरा अंदर से बंद कर हसिया (धारदार हथियार) से पत्नी के गर्दन और दोनों हाथों पर हमला कर दिया।

हमला इतना गंभीर था कि डॉक्टरों ने चोटों को जानलेवा श्रेणी में माना।


पुलिस जांच और सबूत

पीड़िता के भाई मेघनाथ साहू ने थाना पुरानी भिलाई में रिपोर्ट दर्ज कराई।
जांच के दौरान—

  • आरोपी के मेमोरण्डम बयान पर हसिया बरामद किया गया
  • खून से सने सीमेंट के टुकड़े और आरोपी की शर्ट जब्त की गई
  • मेडिकल रिपोर्ट में चोटें तेज धारदार हथियार से लगी पाई गईं

इन सबूतों के आधार पर अदालत ने माना कि हमला पूरी नीयत और जानकारी के साथ किया गया।


कोर्ट का फैसला

अदालत ने स्पष्ट कहा कि—

  • पत्नी पर बंद कमरे में धारदार हथियार से हमला
  • गर्दन जैसे संवेदनशील हिस्से पर वार
  • हत्या की मंशा और ज्ञान को दर्शाता है

इसलिए आरोपी को धारा 307 IPC (हत्या का प्रयास) के तहत दोषी ठहराया गया।


सजा और अन्य आदेश

Durg Attempt to Murder Case में अदालत ने आरोपी को—

  • 7 वर्ष का सश्रम कारावास
  • ₹500 का जुर्माना
  • जुर्माना न देने पर 6 माह अतिरिक्त साधारण कारावास

की सजा सुनाई।

साथ ही—

  • न्यायिक हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया गया
  • जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में देने का आदेश
  • जब्त हथियार और अन्य वस्तुओं को अपील अवधि के बाद नष्ट करने के निर्देश

दोषी जमानत पर था, इसलिए तुरंत जेल भेजने का वारंट भी जारी किया गया।


क्यों अहम है यह फैसला?

Durg Attempt to Murder Case यह संदेश देता है कि—

  • घरेलू हिंसा को हल्के में नहीं लिया जाएगा
  • पत्नी पर जानलेवा हमला किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं
  • कानून ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाएगा

यह फैसला महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था की गंभीरता को दर्शाता है।

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