नवा रायपुर।
Chhattisgarh First Space Center: छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के राखी में प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। यह केंद्र जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के अंतर्गत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के दौरान शुरू किया गया। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक भवन नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को आकार देने वाली प्रयोगशाला बताते हुए पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों के विस्तार की घोषणा की।
🌟 सभी जिलों में खुलेंगे अंतरिक्ष केंद्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष संगवारी पहल को अब राज्य के सभी जिलों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा—
“आज से बच्चों के सपनों को पंख मिल रहे हैं। यह अंतरिक्ष केंद्र विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान से जोड़ने का माध्यम बनेगा।”
उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल अवसर की है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।
👨🚀 अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला युवाओं के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने डॉ. शुभांशु शुक्ला का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि उनकी अंतरिक्ष यात्रा पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए विज्ञान को मित्र बनाने और बड़े सपने देखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। आने वाले समय में यह अंतरिक्ष केंद्र—
- सैटेलाइट निर्माण
- सैटेलाइट ट्रैकिंग
- मौसम पूर्वानुमान
- क्लाउड मैपिंग
जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में बच्चों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा।
🌾 किसानों से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।
🚀 “रॉकेट लॉन्च का क्षण जिंदगी बदल देता है” – शुभांशु शुक्ला
ग्रुप कैप्टन डॉ. शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि रॉकेट लॉन्च के समय कुछ ही सेकंड में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल होती है।
उन्होंने इस अनुभव की तुलना परीक्षा से करते हुए कहा—
“जैसे परीक्षा में प्रश्नपत्र देखकर कुछ क्षण सब खाली लगने लगता है, वैसे ही रॉकेट इग्नाइट होते ही होता है। ऐसे समय में संयम और अपनी मेहनत पर भरोसा ही सबसे बड़ा सहारा होता है।”
उन्होंने बताया कि 20 दिनों के अंतरिक्ष प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की।
🎓 बच्चों की जिज्ञासा ने जीता दिल
डॉ. शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का जिक्र करते हुए बताया कि एक बच्चे ने उनसे पूछा था—
“आपने सब बताया, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क पूरा किया या नहीं?”
उन्होंने कहा कि यह सवाल बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और जिज्ञासु सोच को दर्शाता है।
🤝 जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, वन मंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री अनुज शर्मा, श्री इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
डीपीएस और सैनिक स्कूल राजनांदगांव के विद्यार्थियों ने डॉ. शुभांशु शुक्ला को पोर्ट्रेट भेंट कर सम्मानित किया।
