सरगुजा।
छत्तीसगढ़ सरकार की Mukhyamantri Gramin Bus Yojana सुदूर वनांचल के लिए केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विकास की नई राह बनकर सामने आई है। विशेषकर सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गांवों में इस योजना ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन को आसान, सुरक्षित और समयबद्ध बना दिया है।
इस योजना के माध्यम से ऐसे गांव, जो वर्षों तक मुख्यधारा से कटे हुए थे, अब जिला मुख्यालय, स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन से सीधे जुड़ रहे हैं।
🚍 दूरस्थ अंचलों तक पहुंची बस, बढ़ा ग्रामीणों का उत्साह
सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज उन इलाकों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन सबसे बड़ी चुनौती हुआ करता था।
⏱️ सुगम हुआ सफर, समय और चिंता दोनों की बचत
शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत श्रीमती परमानिया पैकरा बताती हैं कि इस मार्ग पर यह पहली नियमित बस सेवा है।
वे कहती हैं—
“पहले समय पर ड्यूटी पहुंचना और सुरक्षित लौटना बड़ी चिंता होती थी। अब बस सेवा से हम समय पर अस्पताल पहुंचते हैं और निश्चिंत होकर घर लौटते हैं।”
स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने भी बताया कि पहले आवागमन के साधन बेहद सीमित थे, लेकिन अब बस सेवा से उनकी पेशेवर जिंदगी काफी आसान हो गई है।
🎓 विद्यार्थियों के लिए बना भविष्य का रास्ता
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने विद्यार्थियों के जीवन में भी बड़ा बदलाव लाया है।
पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर छात्रा लक्ष्मी बताती हैं—
“पहले बस पकड़ने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता था, अब बस सीधे घर के सामने से गुजरती है। पढ़ाई पर पूरा ध्यान दे पा रही हूँ।”
वहीं पीजी कॉलेज की छात्रा निशा कहती हैं कि पहले उसे बस के लिए 5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, लेकिन अब सिधमा गांव से ही बस मिलने लगी है।
🚶♂️ पैदल सफर और जोखिम भरी बाइक यात्रा से मिली राहत
सिधमा गांव के निवासी दिव्यांशु सिंह बताते हैं कि पहले रोज़ाना 5 किलोमीटर पैदल या बाइक से जाना पड़ता था।
अब गांव से बस शुरू होने से वे समय पर स्कूल पहुंच पा रहे हैं और उनका दिन सुरक्षित तरीके से शुरू होता है।
🌱 विकास की मुख्यधारा से जुड़ते सुदूर गांव
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना आज सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बन गई है।
नियमित बस संचालन से—
- शिक्षा तक पहुंच आसान हुई
- स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ बनीं
- व्यापार और रोजगार को गति मिली
यह योजना अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सरगुजा की सड़कों पर दौड़ती ये बसें अब प्रदेश की प्रगति की कहानी खुद बयां कर रही हैं।
