inspired sandalwood farming: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ ने एक बार फिर जमीनी स्तर पर बड़ा असर दिखाया है। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के किसान संजय महाजन की जिंदगी उसी पल बदल गई, जब उन्होंने खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए दीर्घकालीन खेती अपनाने की प्रधानमंत्री की अपील सुनी।
यह कहानी सिर्फ खेती बदलने की नहीं, बल्कि सोच बदलने की कहानी है।
केले की खेती से हो रहा था लगातार नुकसान
किसान संजय महाजन पहले पारंपरिक केले की खेती करते थे।
लेकिन बार-बार आने वाली प्राकृतिक आपदाओं से उनकी खड़ी फसल नष्ट हो जाती थी।
लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान ने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर दिया था।
ऐसे समय में Mann Ki Baat inspired sandalwood farming का विचार उनके मन में घर कर गया।
मन की बात से मिली नई राह
‘मन की बात’ के एक एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से कहा था कि
खेती को लंबे समय की योजना के साथ लाभ का व्यवसाय बनाएं।
इस अपील ने संजय महाजन को सोचने पर मजबूर किया।
उन्होंने सफेद चंदन की खेती पर गहन शोध किया और फिर पारंपरिक फसलों को छोड़कर दीर्घकालीन खेती अपनाने का फैसला लिया।
सफेद चंदन की खेती करने वाले जिले के पहले किसान
संजय महाजन ने दो एकड़ खेत में सफेद चंदन के पौधे लगाए।
- पौधों की कीमत: ₹200 प्रति पौधा
- पौधों की दूरी: 12×12 फीट
- कुल लागत: लगभग ₹4 लाख
वे अब बुरहानपुर जिले के पहले सफेद चंदन किसान बन गए हैं।
इंटरक्रॉपिंग से हर साल हो रही कमाई
चूंकि सफेद चंदन एक परजीवी पौधा होता है, इसलिए उसके साथ अन्य फसलें जरूरी हैं।
संजय महाजन चंदन के पौधों के बीच
- प्याज
- अरहर
- तुअर
- सब्जियां और फल
उगा रहे हैं, जिससे उन्हें हर साल करीब ₹4 लाख की नकद आमदनी हो रही है।
10 साल में 5 करोड़ की आमदनी का अनुमान
किसान संजय महाजन के अनुसार,
- सफेद चंदन के पेड़ 10 साल में परिपक्व हो जाते हैं
- महाराष्ट्र के संभाजीनगर मंडी में चंदन की कीमत ₹12,500 प्रति किलो तक है
वर्तमान भाव के हिसाब से उन्हें करीब ₹5 करोड़ की आमदनी होने का अनुमान है, जबकि शुरुआती लागत महज ₹4 लाख रही।
वैज्ञानिकों ने भी सराहा प्रयास
कृषि विज्ञान केंद्र के नोडल अधिकारी अमोल देशमुख ने बताया कि
प्रगतिशील किसान संजय महाजन का यह प्रयोग अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
उन्होंने कहा कि
पारंपरिक खेती के साथ उच्च मूल्य वाली दीर्घकालीन खेती किसानों की आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।
देखने आ रहे हैं दूर-दूर से किसान
संजय महाजन की सफेद चंदन की खेती अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुकी है।
- आसपास के गांवों से
- पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से
किसान उनके खेत देखने पहुंच रहे हैं और दीर्घकालीन खेती अपनाने की योजना बना रहे हैं।
मन की बात से आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह कहानी दिखाती है कि मन की बात सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि बदलाव की ताकत है।
सही सोच, सही जानकारी और धैर्य से खेती भी करोड़ों का व्यवसाय बन सकती है।
