नक्सल प्रभावित इलाकों में दौड़ी मुख्यमंत्री बस सेवा, CM विष्णु देव साय ने ग्रामीणों संग किया सफर

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई Mukhyamantri Bus Seva Narayanpur में अब ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव दिखने लगा है। नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में यह योजना न केवल सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन को भी आसान बना रही है।

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के प्रवास के दौरान कुरूसनार क्षेत्र में लगभग 4 किलोमीटर तक ग्रामीणों के साथ बस में सफर किया। उनका यह सफर केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और सुशासन का स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।


🚍 मुख्यमंत्री का बस में सफर: भरोसे का प्रतीक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्वयं बस सेवा से यात्रा करना इस योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को दर्शाता है। बस में सफर के दौरान उन्होंने सहयात्रियों और ग्रामीणों से बातचीत की और पूछा कि बस सेवा शुरू होने से उनके दैनिक जीवन में क्या बदलाव आए हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें इलाज, शिक्षा, बाजार और सरकारी कामों के लिए पैदल या जोखिम भरे साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। इससे क्षेत्र में भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।


🛣️ नारायणपुर जिले में संचालित बस रूट

वर्तमान में Mukhyamantri Bus Seva Narayanpur के तहत जिले में चार बसें संचालित की जा रही हैं। इनमें से तीन बसें नियमित रूप से नियद नेल्ला नार मार्गों पर सेवाएं दे रही हैं।

🔹 पहला मार्ग: नारायणपुर – नेलंगूर

इस मार्ग से
डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी और नेलंगूर ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं।

🔹 दूसरा मार्ग: नारायणपुर – कुतूल

इस रूट पर
कच्चापाल, कोडलियार, कुतूल के साथ-साथ कुरूसनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी ग्रामों को परिवहन सुविधा मिल रही है।

🔹 तीसरा मार्ग: नारायणपुर – गारपा

इस मार्ग से
कुरूसनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी गांव सीधे जुड़ गए हैं।

ये वे क्षेत्र हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग कटे हुए थे।


🤝 पीपीपी मॉडल पर आधारित संचालन

मुख्यमंत्री बस सेवा को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP मॉडल) के तहत संचालित किया जा रहा है।
इसमें:

  • बस संचालन की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटर के पास है
  • जबकि मार्ग निर्धारण और निगरानी राज्य शासन द्वारा की जा रही है

इस मॉडल से सेवा की गुणवत्ता बनी रहती है और संचालन भी सुचारू होता है।


🌱 सामाजिक समावेशन और विकास की राह

Mukhyamantri Bus Seva Narayanpur का मुख्य उद्देश्य है:

  • सीमांत जनजातीय समुदायों को सुरक्षित और सुलभ परिवहन
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक आसान पहुंच
  • सामाजिक समावेशन को बढ़ावा
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भरोसे का माहौल बनाना

इस पहल को नारायणपुर जिले में विकास की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।


कुल मिलाकर, नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा केवल एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि जनजातीय अंचलों को जोड़ने वाली जीवनरेखा बनकर उभर रही है। मुख्यमंत्री का बस में सफर करना इस बात का प्रमाण है कि सरकार विकास को ज़मीन तक पहुंचाने के लिए गंभीर और प्रतिबद्ध है।

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